जानिए घुटने के प्रत्यारोपण सर्जरी के बारें में,क्या कहते हैं सुपर स्पेशियलिटी

By: Ritesh Singh

Published On:
Jul, 16 2019 06:29 PM IST

  • रक्त चढ़ाने की आवश्यकता न पड़े।

लखनऊ, Radium super specialty ज्वांइट सर्जरी अस्पताल, घुटने के प्रत्यारोपण के इच्छुक रोगियों के लिये एक्सप्रेस रिहेब के रूप में एक समग्र समाधान के साथ आया है। यहाँ के आर्थो सर्जन द्वारा घुटनों से सबंधित समस्याओं का सर्जिकल उपचार न्यूनतम इनवेसिव तकनीक से किया जाता है। इन तकनीकों के माध्यम से ज्यादातर मामलों में डाक्टर यह सुनिश्चित करते हैं कि उपचार के दौरान मरीज को कम से कम टिशू की क्षति और कम रक्त हानि हो ताकि रक्त चढ़ाने की आवश्यकता न पड़े।

Nabh certified radium ज्वांइट सर्जरी अस्पताल के मुख्य हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सलाहकार डाक्टर संजय कुमार श्रीवास्तव ने तकनीक की विशेषताओं के बारे में बताते हुए कहा कि ’हम नवीनतम सर्जिकल एवं एनेस्थीसिया की तकनीकों का पालन करते हैं और घुटना प्रत्यारोपण के बाद दर्द न हो यह सुनिश्चित करते हैं। यह मरीज को उसी दिन ही खड़े हो पाने और चलने के लिये सक्षम बनाता है। डाक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि उपरोक्त तकनीक के साथ-साथ सर्जरी के तुरंत बाद physiotherapy भी शुरू की जाती है। यह मरीज को सर्जरी के बाद 3-5 दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी में मदद करता है।

उत्तर प्रदेश में पूर्ण एनएबीएच मान्यता प्राप्त कुछ अग्रणी Orthopedic Hospitals में से रेडियस अस्पताल एक है। किसी भी अस्पताल को एनएबीएच पूर्ण मान्यता प्राप्त करने के लिये लगभग 600 आवश्यक मापदंडो को पूरा करना होता है जो की एक जटिल प्रक्रिया है।

Published On:
Jul, 16 2019 06:29 PM IST

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