जींस की छोटी जेब नहीं बनीं है सिक्कों के लिए, पढ़िए क्या है राज?

  • आपकी जींस में छोटी सी जेब होती है। उस जेब में आप अक्सर सिक्के या फिर कंडोम रखते होगे। मगर यह छोटी जेब इनके लिए नहीं बनाई गई थी

लखनऊ.आपकी
जींस में छोटी सी जेब होती है। उस जेब में आप अक्सर सिक्के या फिर कंडोम रखते होगे। मगर यह छोटी जेब इनके लिए नहीं बनाई गई थी। आप जानकर हैरान होंगे की जींस की पॉकेट में एक ज़माने में लोग घडी रखते थे। घडी रखने के फैशन को देखते हुए जींस में छोटे पॉकेट को इज़ाद किया गया।
जींस बनाने की कंपनी कंपनी लेवी स्ट्रॉस जिसे हम लिवाइस के नाम से जानते हैं उसने इस छोटे पॉकेट को बनाया। यह छोटी जेब आम पॉकेट नहीं। यह वॉच पॉकेट कहलाती है। इस पॉकेट को 18वीं शताब्दी में बनाया गया था।
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 काउबॉयज रखते थे घडी
 काउबॉयज  अपने वेस्टकोट पर चेन वाली घडिय़ां पहना करते थे। इन्हें टूटने से बचाने के लिए लिवाइस ने यह छोटी पॉकेट जींस में देना शुरू की थी।  इस छोटी पॉकेट का लिंक इतिहास से है। बताया जाता है कि लेवी स्ट्रॉस नाम की कंपनी ने ही इस जेब की शुरुआत की थी। बता दें कि लेवी स्ट्रॉस नाम की इस कंपनी को Levi s के नाम से जाना जाता है।

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कौन थे काउबॉयज
दरअसल, ये वर्ड 19वीं सदी के अंत में फेमस हुआ था। नॉर्थ अमेरिका में फार्म में जानवरों की देखभाल करने और उन्हें हांकने वालों को काउबॉयज कहा जाता था। जो घोड़े पर सवार होकर अपने काम को अंजाम देते थे। सबसे पहले ये काम स्पेन में शुरू हुआ था। जो बाद में धीरे-धीरे कई यूरोपीय देशों और अमेरिका में पहुंचा। मजदूरी करने वाले इन लोगों के लिए ही जींस तैयार की गई जो आज फैशन में है। जींस की सिलाई इतनी मजबूत इसलिए होती है क्यूंकि जल्दी फ़टे नहीं।

जींस की खोज इन्होंने की
जींस एक तरह का ट्राउज़र जो जैकब डब्ल्यू डेविस ने लिवाइस कंपनी के साथ मिलकर 1871 में बनाई थी
 
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