ICICI लोन केस: धूत ने चंदा कोचर को क्लीन चिट, बोले- लोन देने वाले पैनल के सभी लोग मेरे परिचित

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Updated: 01 Apr 2018, 05:45 PM IST

कॉर्पोरेट

नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक के साथ धोखाधड़ी के कथित आरोपों के बाद वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने पहली बार इस मामले में चुप्पी तोड़ी है। एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में वेणुगोपाल ने चंदा कोचर को क्लीन चिट दी है। वेणुगोपाल ने कहा है कि वे उन सभी 12 सदस्यों को जानते हैं जिन्होंने उनके 3250 करोड़ रुपए के लोन को मंजूरी दी है। लोन के बदले आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति की कंपनी को रुपए देने के सवाल पर धूत ने कहा कि चंदा कोचर लोन देने वाले पैनल की मात्र एक सदस्य थीं। इस पूरे लोन को 12 लोगों के पैनल ने मंजूरी दी है। बैंक के पूर्व चेयरमैन केवी कामथ इस पैनल के प्रमुख थे। उन्होंने कहा कि दो लोगों के निजी संबंध की परिणाम हमेशा आपराधिक कृत्यों को अंजाम नहीं देता है।

सीबीआई ने मामला दर्ज जांच शुरू की

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के पति दीपक कोचर, वीडियोकोन ग्रुप के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ आईसीआईसीआई बैंक द्वारा 3,250 करोड़ रुपये के ऋण दिए जाने के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। एजेंसी ने बैंक द्वारा दी गई राशि के संबंध में हुई किसी भी अनियमितता के बारे में पता लगाने के लिए इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि चंदा कोचर, जिन पर किसी व्यक्ति को फायदा पहुंचाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

40 हजार करोड़ रुपए का है मामला

सीबीआई ने यह कदम उन खबरों के आधार पर उठाया है, जिसमें वीडियोकोन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने आईसीआईसीआई बैंक से 3,250 करोड़ रुपए के ऋण लेने के छह महीने बाद कथित रूप से दीपक कोचर और उसके दो सहयोगियों के प्रोत्साहन वाले एक कंपनी को पैसे मुहैया कराए। इस मामले में प्राथमिकी पर्याप्त सबूतों के बारे में पता लगाने के लिए की गई है, ताकि मामले की विस्तृत जांच हो सके। अगर पर्याप्त सबूत इस बात की ओर इशारा करेंगे कि संद्येय अपराध हुआ है, तो इस प्राथमिकी को सामान्य मामले या एफआईआर में तब्दील कर दिया जाएगा।

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