सस्ता हाेने जा रहा है आपकी पसंद का LED TV, सरकार ने कम किया टैक्स

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Updated: 24 Mar 2018, 02:55 PM IST

कॉर्पोरेट

नई दिल्ली। जो अपने घर में एलईडी टीवी की तमन्ना पाल रहे हैं और कस्टम ड्यूटी की वजह से हुए महंगाई की वजह से नहीं खरीद पा रहे हैं उनके लिए खुशखबरी है। सरकार ने एलईडी टीवी वैनल की मैन्युफैक्चरिंग में काम आने वाले ओपन सेल डिस्प्ले पर बेसिक कस्टम ड्यूटी आधी कर दी है। यानी ब्रांडेड कंपनियां जल्द की अपने टीवी के दाम कर सकती हैं। क्योंकि कस्टम ड्यूटी कम होने से कंपनियों को भी फायदा होगा।

5 फीसदी हुई ड्यूटी
वित्त मंत्रालय ने कस्टम ड्यूटी को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन में सरकार ने 15.6 इंच के ओपन सेल डिसप्ले पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी है। ताज्जुब की बात तो ये है कि बजट में 10 फीसदी ड्यूटी ये पहले टीवी पर किसी तरह की ड्यूटी थी ही नहीं। जब ड्यूटी लगाई थी टीवी मार्केट के लिए बड़्ा झटका भी था। अब कंपनियों को इससे राहत मिलने की काफी उम्मीद है। जानकारों की मानें तो इसकी लगभग 95 फीसदी हिस्सेदारी है।

6 फीसदी तक बढ़ गए दाम
कस्टम ड्यूटी बढऩे के बाद टीवी इंडस्ट्री अग्रणी कंपनियों की ओर से मौजूदा महीने में एलईडी टीवी की कीमतों में 6 फीसदी तक की दाम बढ़स दिए हैं। इसके अलावा सोनी और एलजी जैसी अन्य कंपनियां भी अपने नए मॉडल्स के टीवी के दामों को बढ़ाने जा रही है। इससे पहले टीवी कंपनियों की ओर से बढ़े हुए कस्टम ड्यूटी के खिलाफ आवाज भी उठानी शुरू कर दी थी। बकायदा इसके खिलाफ कंपनियों की ओर से लॉबिंग भी शुरू हो गई थी। जिसके दबाव में आकर सरकार को कस्टम ड्यूटी घटाने में मजबूर होना पड़ा।

इसलिए कर रही थी असेंबल
ओपन सेल पैनल्स को कंपनियां देश में बनने वाले एलईडी टीवी में असेंबल करती हैं। यह एलईडी टीवी के लिए जरूरी भी पार्ट है। पैनासोनिक, सोनी, एलजी और सैमसंग जैसी टीवी कंपनियां पिछले दो महीने से इसी रूट का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने ओपन सेल असेंबलिंग यूनिट में काफी निवेश किया है। सरकार द्वारा फिनिस्ड टेलीविजन सेट्स पर 20 फीसदी और फिनिस्ड टेलीविजन पैनल पर 15 फीसदी कस्टम ड्यूटी करने के बाद ऐसी व्यवस्था की थी।

कंपनियां करेगी डिमांड को इंप्रूव
जानकारों की मानें तो बेसिक कस्टम ड्यूटी में कमी का सरकार का फैसला मेक इन इंडिया को काफी फायदा पहुंचाया जाएगा। भारत में टीवी मैन्युफैक्चरिंग की नई क्षमता बढ़ाने में काफी मदद भी मिलेगी। कंपनियां डिमांड को इंप्रूव करने के लिए ओपन सेल पैनल पर 5 फीसदी टैक्स का बोझ उठाने का प्रयास करेंगी। आपको बता दें कि बजट और उससे अर्थव्यवस्था में मंदी के चलते अक्टूबर 2016 से सेल्स में काफी कमी आई है।

 

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