मानव श्ंरृखला बनाकर मनाया विश्व उच्च रक्तचाप दिवस

By: Karishma Lalwani

Updated On: May, 16 2019 07:36 PM IST

  • विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया

लखीमपुर खीरी. विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मानव श्रृंखला बनाकर हुई। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके वर्मा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र शर्मा फिजीशियन डॉ. आरएस भदौरिया सहित समस्त एनसीडी स्टाफ व अन्य अधिकारी कर्मचारी सम्मिलित हुए। इसके उपरांत हस्ताक्षर अभियान चढ़ाया गया। इसके बाद जिला अस्पताल के सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों और मरीजों को उच्च रक्तचाप व मधुमेह सहित डेंगू के बारे में जानकारी दी गई।

अव्यवस्थित जीवनशैली उक्त रक्तचाप का कारण

इस दौरान कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र शर्मा ने कार्यक्रम की थीम "नो योर नंबर्स विद ए गोल ऑफ इंक्रीजिंग हाई ब्लड प्रेशर अवेयरनेस इन ऑल पापुलेशन अराउंड द वर्ल्ड" पर जानकारी देते हुए बताया कि सभी व्यक्तियों को विशेषकर 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को अपने रक्तचाप के विषय में जानकारी होनी चाहिए। उच्च रक्तचाप के कारणों में से एक बड़ा कारण अव्यवस्थित जीवन शैली तथा मानसिक तनाव है। जिसके लिए जिला चिकित्सालय में जीवन शैली क्लीनिक तथा मानसिक रोग क्लिनिक सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काउंसलर मौजूद हैं। फिजीशियन डॉ. आरएस मदौरिया ने विस्तार से उच्च रक्तचाप के कारण बचाव संभावित खतरे तथा उपचार के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि उच्च रक्तचाप कितने प्रकार का होता है तथा इसके क्या लक्षण होते हैं, महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान इसकी कैसे पहचान की जा सकती है, कैसे यह हमारे दिल, गुर्दे, आंखों आदि को प्रभावित करता है तथा इससे बचने के क्या उपाय हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. मदौरिया ने राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर डेंगू के फैलने का कारण, लक्षण, बचाव व उपचार आदि पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। बुखार आने पर केवल पेरासिटामोल का ही उपयोग करें तथा कुशल चिकित्सक को ही दिखाएं।

डेंगू से बचाव के लिए सुझाव

डॉक्टर शर्मा ने बताया कि नियमित रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें एवं पूरे कपड़ों का प्रयोग करें। इससे डेंगू से बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स कम होने पर घबराएं नहीं तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। प्लेटलेट्स घटने का सिर्फ एक कारण डेंगू ही नहीं है अन्य कारणों से भी प्लेटलेट्स कम हो सकती हैं अंत में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरके वर्मा ने कार्यक्रम का समापन करते हुए बताया कि बहुत कम केसों में डेंगू "डेंगू शाक सिंड्रोम, डेंगू हियोरे किम सिंड्रोम" हो सकता है। जिसकी जांच व उपचार जिला अस्पताल में संभव है। डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। अत्यधिक गंभीर अवस्था में उच्च केंद्रों पर एडमिट करा कर इसका इलाज संभव है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है, जरूरत है हम सब जागरूक रहें।

Published On:
May, 16 2019 07:32 PM IST

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