कोटा के जेकेलोन अस्पताल में फिर आत्मा लेने पहुंचे परिजन, तांत्रिकों ने किया अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके से मचा हड़कम्प

By: Zuber Khan

Updated On:
12 Jun 2019, 12:41:16 PM IST

 
  • विज्ञान के युग में आज भी इंसान अंधविश्वास में जकड़ा हुआ है। लोगों को विश्वास है कि अस्पतालों में आज भी उनके अपनों की आत्माओं का बसेरा है।

कोटा. विज्ञान के युग में आज भी इंसान अंधविश्वास में जकड़ा हुआ है। लोगों को विश्वास है कि अस्पतालों में आज भी उनके अपनों की आत्माओं का बसेरा है। ऐसे में वे तंत्र-मंत्र के सहारे आत्माओं को लेने अस्पताल तक पहुंच जाते हैं। ऐसा ही नजारा बुधवार को जेकेलोन अस्पताल में देखने को मिला।

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यहां बूंदी जिले के ग्रामीण तांत्रिकों को साथ लेकर अपनों की आत्मा लेने जेकेलोन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्टेंड, पार्किंग व अन्य जगहों पर पूजा-अर्चना करना शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक अंधविश्वास का खेल चलता रहा। यह देखने के लिए आधे घंटे तक लोगों की भीड़ जमा हो गई। दरअसल बूंदी के चेता गांव निवासी महिला की पांच साल पहले जेके लोन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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महिला की मौत के बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब रहने लगी। घर में अशांति होने पर परिजनों ने भोपे की शरण ली। भोपे ने मृतक की आत्मा अस्पताल में भटकने की बात बताते हुए अस्पताल से आत्मा लाने की सलाह दी। इसी के चलते करीब दो दर्जन महिला-पुरूष मृतक महिला की आत्मा लेने जेकेलोन अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में पार्किंग स्टैंड के पास परिजनों ने बाकायदा पूजा अर्चना की।

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आत्मा की शांति के लिए महिलाओं ने अस्पताल परिसर में गीत भी गाए। करीब आधे घण्टे तक परिजन अंधविश्वास के फेर में उलझे रहे। बाद में सभी लोग चले गए। गौरतलब है कि इससे पहले भी लोग एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में आत्मा लेने पहुंचे थे। एमबीएस में तो अजमेर जिले के केकड़ी कस्बे से अपने परिजन की आत्मा लेने के लिए अस्पताल के आईसीयू वार्ड में तक घुस गए थे। उन्होंने वहां पूजा-अर्चना भी की थी।

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12 Jun 2019, 12:41:16 PM IST

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