बड़ी खबर: कोटा दशहरा मेले में करोड़ों कमाने के लिए इवेंट कंपनियों ने किया खेल, जांच में खुली पोल, टेंडर निरस्त

By: Zuber Khan

Updated On:
10 Sep 2019, 02:52:42 PM IST

  • Kota Dussehra Mela 2019: राष्ट्रीय दशहरा मेले में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम अयोग्य इवेंट कम्पनियां लॉबिंग कर हथियाना चाहती थी।

कोटा . राष्ट्रीय दशहरा मेले में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम अयोग्य इवेंट कम्पनियां लॉबिंग कर हथियाना चाहती थी। इस कारण शर्तों की पालना नहीं करने के बावजूद टेण्डर प्रक्रिया में भाग लिया और फिर मेला समिति के माध्यम से कार्यादेश जारी करने के लिए दबाव बनाया, लेकिन टेण्डर की जांच में एक भी फर्म योग्य नहीं पाई गई। इस कारण अब रि-टेण्डर की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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निगम ने पिछले दिनों दशहरा मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निविदाएं जारी की थी। निगम ने जो शर्तें तय की थी, उसे एक भी फर्म ने पूरा नहीं किया। मेला अधिकारी ने निविदा की जांच की तो पाया कि ज्यादातर इवेंट कम्पनियों ने दस्तावेज भी अधूरे लगा रखे हैं। आयकर रिटर्न व ऑडिट की प्रति नहीं लगाई है, इस कारण सभी इवेंट कम्पनियों के आवेदन खारिज कर दिए। मेला अधिकारी कीर्ति राठौड़ का कहना है कि शर्तों की पालना नहीं करने के कारण टेण्डर निरस्त किए गए हैं। अयोग्य फर्मों को कैसे कार्यादेश दे सकते हैं।

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वाहन स्टैण्ड में भी झमेला

मेले में वाहन स्टैण्ड के टेण्डर भी तीसरी बार जारी किए गए हैं। निगम ने वाहन स्टैण्ड के ठेके के लिए आरक्षित दर 13 लाख 47 हजार 500 रुपए रखी है। वाहन स्टैण्ड ठेकेदार यह राशि ज्यादा बता रहे हैं। राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली का कहना है कि वाहन स्टैण्ड की दर कम करने के बारे में मेला अधिकारी के समक्ष बात रखी है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।

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देरी का असर मेले की तैयारियों पर
मेले में टेण्डर प्रक्रिया में देरी का असर दशहरा मेले की तैयारियों पर पड़ रहा है। कार्यक्रमों के टेण्डर निरस्त होने के कारण अब दुबारा टेण्डर प्रक्रिया शुरू की गई है। जो काम मेले के आयोजन के एक माह पहले पूरा हो जाना चाहिए था, वह अभी लम्बिल चल रहा है। अभी तक मेले का एक भी कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है। अभी दशहरा मैदान की स्थिति भी अत्यंत खराब है।

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मेला समिति से करवा रहे लॉबिंग
इवेंट कम्पनियों के संचालक मेला समिति पदाधिकारियों से कार्यक्रमों के टेण्डर दिलाने के लिए लॉबिंग करवा रहे हैं। मेला समिति के सदस्य भी अलग-अलग फार्मों को कार्यादेश देने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस कारण सहमति नहीं बन रही है। मेला समिति के तीन सदस्यों ने महापौर से दखल करने आग्रह किया है।

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सर्कस के लिए तीसरी बार टेण्डर
मेला समिति और मेला अधिकारी के बीच चल रही खींचतान के कारण व्यापारी भी मेले में आने से हिचकने लगे हैं। मेले में सर्कस के लिए तीन बार टेण्डर जारी किए गए हैं, लेकिन अभी तक किसी ने रुचि नहीं दिखाई है। निगम प्रशासन ने अब आखिरी बार टेण्डर मांगे हैं।

मेला समिति मेले की तैयारियों में जुटी हुई है। टेण्डर निरस्त होने से तैयारियों पर असर पड़ रहा है। अनंत चतुर्दशी के बाद समिति की बैठक आयोजित कर कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मेलाधिकारी व समिति सामंजस्य से काम रही है।
राममोहन मित्रा, अध्यक्ष मेला समिति

Updated On:
10 Sep 2019, 02:52:42 PM IST

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