एमपी की इस गैंग ने नाबालिगों की आड़ में दो राज्यों में मचा रखा था आतंक...शादियों में जेवर और नकदी पर करते हाथ साफ़

By: Suraksha Rajora

Updated On: Jul, 11 2019 08:43 PM IST

 
  • Interstate thief Geng अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 3 आरोपियों सहित बाल अपचारी पकड़ा...कार बरामद

कोटा. शहर में शादी समारोह से रुपये ओर जेवर चुराने वाले अंतरराज्यीय गैंग Interstate thief Geng का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एमपी (mp) की सांसी जाति की इस गैंग ने कोटा में ही करीब आधा दर्जन शादी समारोहों में रुपयों ओर जेवर से भरे बेग चुराए।

शादियों में चुराती थीं जेवर और नकदी, ऐसे आई पुलिस की गिरफ्त में...

पुलिस ने नाबालिगों की आड़ लेकर चोरी करने वाले अन्तरराष्ट्रीय चोर गिरोह का गुरुवार को खुलासा किया। पुलिस ने चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी का सामान व कार बरामद की। इसके अलावा एक बाल अपचारी को डिटेन किया गया।

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पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि 9 जुलाई को कुन्हाड़ी स्थित संत तुकाराम सामुदायिक भवन व बूंदी रोड स्थित यशोदा पैलेस व संजोग रिसोर्ट से शादी-विवाह समारोह के दौरान लगातार जेवरात व नकदी से भरे बैग चोरी होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को दबोचने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।

टीम में कुन्हाडी थानाधिकारी गंगासहाय शर्मा समेत पुलिसकर्मियों समेत साइबर क्राइम से जुड़े पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने सीसीटीवी कैमरों व मुखबिरों की सूचना के आधार पर सबूत जुटाए तो मामले में गिरोह में बदमाशों के साथ नाबालिग बच्चों के होने की जानकारी मिली।

इस पर पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे को डिटेन किया तो उसने मप्र के राजगढ़ जिले के बोड़ा थाना क्षेत्र के गांवों के गिरोह द्वारा चोरी किया जाना व चोरी के बाद नयापुरा के एक होटल में ठहरना बताया। होटल की सीसीटीवी कैमरे की डिटेल के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की गई।

गिरोह के सदस्यों के दरा स्थित एक ढाबे पर होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने ढाबे से तीन आरोपियों हुलखेड़ी निवासी सोनू (29), कडिय़ा गांव निवासी कबीर (20), ऋषिकेश (25) को गिरफ्तार कर कार बरामद की। जबकि एक बाल अपचारी को डिटेन किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के टॉप्स, मंगलसूत्र, सोने की चूडिय़ां व अंगूठी बरामद की। आरोपियों का रिकॉर्ड संबंधित थानों से बरामद किया जा रहा है।

हाड़ौती से लेकर उदयपुर तक की चोरियां -

पूछताछ में आरोपियों ने मध्यप्रदेश के अलावा कोटा शहर में पांच वारदातें, बूंदी जिले में दो, टोंक जिले की देवली में एक व उदयपुर में तीन वारदातों समेत कुल 13 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके अलावा भी आरोपियों ने अन्य क्षेत्रों में चोरियों व ठगी के बारे में वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

तीन गांवों के लोग शामिल -
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी राजगढ़ के बोड़ा थानाक्षेत्र के गांव गुलखेड़ी, कडिया व हुलखेड़ी के है। इन तीनों गांवों में सांसी सिसोदिया समाज के लोग रहते है। गिरोह में सभी सदस्य इन गांवों के ही है। यहां अधिकांश लोग चोरी, ठगी व अन्य प्रकार के अपराध से जुड़े है। पुलिस जब आरोपियों की तलाश में गांव पहुंची, तो उसे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इन गांवों के लोग आपस में गैंग बनाकर देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर शादी समारोह से बैग चुराना, बैग में कट लगाकर नकदी व जेवरात चुराने, चोरी, बैंक के आसपास से लोगों को चकमा देकर रुपयों के बैग ले भागने जैसी वारदातों को अंजाम देते है।

नाबालिगों के लेते है आड़ -

आरोपी गिरोह बनाते समय एक मुखिया व दो तीन सदस्यों को गिरोह में लेते है। इसके अलावा वे नाबालिगों को गिरोह में शामिल करते है। जिसके ऐवज में उनके माता-पिता को वर्ष या माह के हिसाब से अग्रिम राशि भी उपलब्ध करवाई जाती है। आरोपी कार से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते है। इसके अलावा बैग चोरी के लिए वे नाबालिग बच्चों को आगे कर देते है व चोरी के बाद फरार हो जाते है। नाबालिग पकड़ में आने पर उसे मुक्त करवा लिया जाता है।

गैंग बनाकर करते है वारदात, तो एग्रीमेंट बनाकर हिसाब -


गैंग बनाते समय गिरोह के सदस्य चोरी के माल के हिस्सों को लेकर बकायदा एग्रीमेंट बनवाते है और उसी के हिसाब से काम करते है। चोरी की रकम को बैंक के जरिए एकाउन्ट में भेज दिया जाता है तथा जेवरात को गांव ले जाकर आसपास के व्यापारियों को बेच दिया जाता है।

 

 

9 ओर 10 जुलाई को कुन्हाड़ी इलाके में हुए शादी समारोह से तीनों चोरों ने बाल अपचारी के साथ मिलकर रुपयों ओर जेवर से भरा बैग उड़ा लिया था। जिसमे पुलिस को इनकी तलाश थी। इस गैंग ने कोटा सहित बूंदी, उदयपुर ओर एमपी में शादी समारोहों में चोरी की 13 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया।

शादी समारोहों में जाने से पहले यह बाकायदा सज धज कर तैयार होते और फिर आल्टो कार से शादी में पहुचते जहाँ किसी को शक भी नही होता। पुलिस ने टेक्निकल इंवेस्टिगेशन ओर सीसीटीवी की मदद से चोरों की पहचान कर दर्रा के जंगलों से पकड़ने में सफलता हासिल की।

गिरोह के सदस्य बच्चे को इसलिए साथ रखते थे क्योंकि अगर बाल अपचारी पकड़ में भी आ जाता तो कानून फायदा उठाते हुए उसे छुड़ा लेते। इसके लिए बाकायदा उस बालक के परिवार से गिरोह एग्रीमेंट भी करता। पुलिस अब गिरोह से पूछताछ कर अन्य सदस्यों और चुराए गए माल का पता लगाने में जुट गई है।

Published On:
Jul, 11 2019 08:22 PM IST

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