स्पीकर ओम बिरला के नाम दर्ज हुआ कीर्तिमान, तोड़ा 18 साल पुराना रेकॉर्ड..

By: Rajesh Tripathi

Published On:
Jul, 12 2019 08:29 PM IST

 
  • आधी रात तक चली सदन की कार्यवाही

नई दिल्ली/कोटा. पीएम मोदी की कार्य की रफ्तार को लेकर कई बार चर्चाएं होती रहती है, लेकिन वे अपनी सरकार और सांसदों से भी यही अपेक्षा रखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने ओम बिरला का लोकसभा अध्यक्ष के तौर चयन किया। वे पार्टी में शुरू से ही मेहनत और लग्न के लिए जाने जाते हैं। अपने कार्यकाल के पहले ही माह में पक्ष के साथ विपक्षी नेताओं को अपनी कार्यशैली का मुरीद कर देने वाले बिरला ने अब एक और नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। दरअसल गुरूवार रात को लोकसभा में कामकाज का रेकॉर्ड बना, जब रेलवे मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए 12 घंटे से ज्यादा वक्त तक सदन की कार्यवाही चली।

स्पीकर बिरला के सहयोग से इस मुद्दे पर आधी रात से दो मिनट पहले चर्चा को खत्म कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने शक्रवार को बताया कि चर्चा आधी रात तक चली इसका श्रेय स्पीकर सहित हर सदस्य को जाता है । जोशी ने कहा कि लगभग 18 वर्षों में यह पहली बार था जब निचले सदन की कार्यवाही इतने लंबे समय तक चली।

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रेलवे अनुदान मांगों पर चर्चा
मंत्री ने कहा कि 100 से अधिक सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया और यह एक रेकॉर्ड था। हालांकि इस दौरान विपक्ष सरकार को लेकर हमलावर रहा और आरोप लगाया कि केंद्र रेलवे को विकसित करने के बजाए उसकी संपत्ति को बेच रही है जबकि सरकार ने तर्क दिया कि यूपीए सरकार के समय अपेक्षाकृत पूंजीगत व्यय दोगुना हो गया था।

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स्पीकर बिरला की रही अहम भूमिका
सदन को चर्चा के लिए देर रात तक चलाने और गतिरोध खत्म करने में स्पीकर ओम बिरला की भी अहम भूमिका रही ह। वह लगातार नए सदस्यों को सदन में चर्चा के दौरान बोलने का मौका दे रहे हैं साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं की शिकायतों की सुनवाई भी कर रहे हैं।

Published On:
Jul, 12 2019 08:29 PM IST

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