अब संसद में हर विधेयक हिंदी में पारित होता है, राष्ट्रभाषा का सम्मान जरूरीः बिरला

By: Ranjeet Singh Solanki

Updated On:
10 Sep 2019, 07:31:50 PM IST

  • कॅरिअर पॉइंट के ऑडिटोरियम में श्रीभारतेंदु हरिश्चंद्र के 169 वें जन्मोत्सव पर साहित्यकार सम्मान समारोह में देशभर के 18 साहित्यकारों को हुआ सम्मान


कोटा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरल ने कहा कि अंग्रेजो की गुलामी से हिंदुस्तान आजाद हो गया। अंग्रेज चले गए, लेकिन अंग्रेजी कानून चलते रहे। जब मुझे लोकसभा अध्यक्ष पद का दायित्व मिला तो मैंने व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी से विशेष आग्रह किया और अब 1952 के बाद भारत की संसद में जो भी विधेयक पारित होता है वो हिंदी में होता है। संसद राष्ट्रभाषा का सम्मान करती है। भारत की विधिधता में एकता ही यहां की सबसे बड़ी विशेषता है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सोमवार रात डकनिया स्टेशन रोड स्थित कॅरिअर पॉइंट के ऑडिटोरियम में श्रीभारतेंदु समिति लाड़पुरा कोटा द्वारा श्रीभारतेंदु हरिश्चंद्रजी के 169 वें जन्मोत्सव पर आयोजित साहित्यकार सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथ संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्रजी हिंदी साहित्य के पितामह व हिंदी में आधुनिकता के पहले रचनाकार रहे है। श्रीभारतेंदुजी ने रीतिकाल की विकृत सामन्ती संस्कृति की पोषक वृत्तियों को छोड़कर स्वस्थ परंपरा की भूमि अपनाई और नवीनता के बीज बोये। हिंदी साहित्य में आधुनिक काल का प्रारंभ भारतेंदु हरीशचंद्र से माना जाता है। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने की दिशा में अपनी प्रतिभा का उपयोग किया। बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारतेन्दुजी का हिंदी पत्रकारिता, नाटक और काव्य के क्षेत्र में बहूमूल्य योगदान रहा है। हिंदी में नाटकों का आरंभ भी भारतेंदु हरीशचंदजी से माना जाता है। मात्र 34 वर्ष की आयु में ही विशाल साहित्य की रचना की। उन्होंने मात्रा और गुणवत्ता की दृष्टि से इतना लिखा और इतनी दिशाओं में काम किया उनका समूचा रचनाकर्म पथदर्शक बन गया।
समारोह में देश के अलग-अलग प्रांतों के 18 साहित्यकारो का भी मंच से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, समारोह की अध्यक्षता कर रहे सभा नंबर 108 के अध्यक्ष श्रीकृष्ण बिरला, विशिष्ट अतिथ कॅरिअर पॉइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी ने सम्मानित किया। लोकसभा अध्यक्ष का मंच पर 151 किलो के पुष्पहार से अभिनंदन हुआ। इस दौरान विधायक संदीप शर्मा, हीरालाल नागर, महापौर महेश विजय, राजेश बिरला, हरिकृष्ण बिरला सहित श्री भारतेन्दु समिति के पदाधिकारीगण, साहित्यकार मौजूद थे। विशिष्ट अतिथि कॅरिअर पॉइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी ने कहा आज दुनियां के सभी विकसित देशों में अपनी-अपनी मातृ भाषा में ही अपने कार्य करने को लेकर बढ़ावा दिया जा रहा है। जापान, चीन, रसिया, जर्मनी आदि देश इस कार्य में शामिल है। यदि हम भी अपनी मातृभाषा को बढ़ावा देंगे व ज्यादा से ज्यादा कार्य मातृभाषा में करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा भारत देश विश्व में बुलंदियों को छू पायेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ आस्था सक्सेना व योगेश गंधर्व ने राष्ट्रवंदना से किया। मंच से चिदंबरा व फूल फूल मकरंद पुस्तक का भी विमोचन हुआ। समारोह का संचालन साहित्यकार व कवि रामेश्वर शर्मा रामू भैया ने किया।
इन साहित्यकारों का हुआ सम्मान

यहां न कोई शिक्षा अधिकारी झांकता है और न ही किसी को परवाह,ग्रामीणों
को अब केवल कलक्टर सा‘ब से ही उम्मीद
समारोह में डॉ. राजलक्ष्मी कृष्णन, चैनई को श्रीभारतेंदु हरिश्चंद्र समिति के संस्थापक अध्यक्ष हनुमान प्रसाद सक्सेना स्मृति सम्मान एवं योगेश गंधर्व मुंबई को स्वर सुधाश्री सम्मान से नवाजा गया। मंच से साहित्यकार डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय कानपुर, राधागोविंद पाठक मथुरा, विपुल सक्सेना मुंबई, सुरेश गुप्त राजहंस कानपुर, डॉ. अमरसिंह चंडीगढ़, अरविंद श्रीवास्तव दर्द दतिया, राव मुकुल मानसिंह लासगंज, परमानंद शर्मा आगरा, नरेंद्र दाधीच बूंदी, सत्यनारायण व्यास भीलवाड़ा, मनोज मानव बिजनौर, रामस्वरूप साहू मुंबई, अजय कुमार शर्मा कोटा, अक्षयलता शर्मा रावतभाटा, ताराचंद तपस्वी कोटा, श्याम शंकर शर्मा जयपुर को सम्मान किया गया।

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10 Sep 2019, 07:31:50 PM IST

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