हास्य की फुलझड़ियां फूटी और व्यंग्य के बम छूटे,370 धारा को लेकर कवियों के मन उछले

kota Dussehra Fair अटल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में खूब रंग जमा,राजनीति पर किया कटाक्ष

कोटा . नगर निगम कोटा की ओर से 126वें दशहरा मेला के अवसर पर विजयश्री रंगमंच पर गुरुवार देर रात अटल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में खूब रंग जमा। देश के विभिन्न प्रांतों से आए कवियों में से किसी ने हास्य की फुलझडिय़ां छोड़ गुद्गुदाया, किसी ने वीर रस की कविता सुनाकर देश भक्ति का माहौल पैदा कर दिया तो किसी ने राजनीति पर खूब कटाक्ष किया।

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फालना से आई कवयित्री कविता किरण ने नए सांचे में ढलना चाहती हूं, नियम सारे बदलना चाहती हूं, इरादों की अडिग चट्टान बनकर हवा का रुख बदलना चाहती हूं...सुनाई। इंदौर से आए कवि चेतन चर्चित ने सब्र के बांध को कड़ा होना पड़ा, जिम्मेदारी ली और खड़ा होना पड़ा...सुनाई। ब्यावर से आए श्याम अंगारा ने हर नाता छोटा है सबसे बड़ा देश का नाता...सुनाकर देश के वर्तमान हालात पर ध्यान खींचा। देर रात तक दशहरा मैदान की दर्शक दीर्घा तालियों से गूंजती रही।

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इससे पहले रात करीब पौने 10 बजे कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, कांग्रेस प्रदेश कमेटी के महासचिव पंकज मेहता, सांगोद के पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कवयित्री डॉ. रचना तिवारी ने मां सरस्वती वंदना से सम्मेलन की शुरुआत की।

इसके बाद लाखेरी के कवि भूपेंद्र राठौर ने अब दिल्ली ने पिंडी के गालों पर चांटा मारा है, जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है...सुनाई तो दर्शक दीर्घा भारत माता के जयघोष से गूंज उठी। कवि हरिप्रसाद प्रजापत ने 370 धारा नहीं, वह तो जलती आग थी, संविधान की धाराओं में वह एक दाग थी...सुना कर माहौल को नई ऊंचाई दी।

मंच से कवि अशोक चारण, उमेश उत्साही, गजेंद्र प्रियांशु, डॉ. रुचि चतुर्वेदी, डॉ. अनिल चौबे, मुन्ना बेटरी, साजन ग्वालियरी, सुरेंद्र सार्थक, कमलेश शर्मा, निशामुनि गौड़, नरेश निर्भीक, प्रदीप पंवार, ओम सोनी, प्रेरणा ठाकरे, उमेंद्र राठौर, श्यामबिहारी अंगारा, चेतन चर्चित, भगवानदास मकरंद, राजेंद्र पंवार, देवेंद्र वैष्णव, डॉ. फरीद खान व संजय ने देर रात तक चले कवि सम्मेलन में काव्य पाठ किया। संचालन मनधीर मधुर ने किया।


ये रहे मौजूद
कवि सम्मेलन से पहले विजयश्री मंच पर महापौर महेश विजय, मेला समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा, नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका, मेला अधिकारी कीर्ति राठौड़, मेला समिति सदस्य रमेश चतुर्वेदी, महेश गौतम लल्ली, नरेंद्रसिंह हाड़ा, भगवानस्वरूप गौतम, दौलतराम मेघवाल आदि ने अतिथियों व कवियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।

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Suraksha Rajora
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Web Title: Dussehra Atal Rashtriya Kavi Sammelan Poets recited poems Section 370
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