मिल बांट कर खाने के लालच में फंस गए थानेदार, दहेज प्रकरण के आरोपियों से मांगी थी रिश्वत

By: Rajesh Tripathi

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Published: 13 Aug 2019, 09:04 PM IST

Kota, Kota, Rajasthan, India

बारां. एसीबी मुख्यालय की ओर से कोटा ग्रामीण क्षेत्र के अयाना थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार, हैड कांस्टेबल उमर मोहम्मद व कांस्टेबल (मुंशी) रमेश कुमार को रिश्वत लेने के मामले में मिलीभगत होने का दोषी मानते हुए मंगलवार को प्रकरण दर्ज किया है। कांस्टेबल रमेश कुमार को थाना परिसर में दहेज प्रताडऩा के प्रकरण में सात आरोपियों के नाम हटाने के लिए दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
एसीबी बारां चौकी के सीआई ज्ञानचन्द मीणा ने बताया कि गत 9 अगस्त को बारां शहर के शाहाबाद दरवाजा क्षेत्र निवासी परिवादी मोहनलाल की शिकायत पर अयाना थाने के कांस्टेबल रमेश कुमार को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।

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प्रकरण में अयाना थाना प्रभारी विनोद कुमार व हैड कांस्टेबल उमर मोहम्मद की मिली भगत सामने आई थी। इसके बाद थाना प्रभारी के सरकारी आवास की जांच की गई थी तथा थाने से प्रकरण से सम्बंधित रिकॉर्ड जब्त कर मुख्यालय भेजा गया था। अब मंगलवार को एसीबी मुख्यालय स्तर पर थाना प्रभारी, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल के खिलाफ मिली भगत कर परिवादी से रिश्वत मांगने व प्राप्त करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।रिश्वत की राशि तीनों आरोपी बांटना चाह रहे थे।

यह था मामला
परिवादी मोहनलाल बैरवा के पुत्र दीपक की शादी अयाना थाना क्षेत्र में हुई है। दीपक की पत्नी ने अयाना थाने पर परिवादी समेत परिवार के आठ जनों के खिलाफ दहेज प्रताडऩा का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की जांच थाना प्रभारी विनोद कुमार कर रहे थे। इसमें दीपक को छोड़ शेष सात आरोपियों के नाम हटाने के लिए हैड कांस्टेबल द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत परिवादी ने गत 23 जुलाई को बारां एसीबी चौकी पर की थी। 23 जुलाई को ही सत्यापन के दौरान आरोपी हैड कांस्टेबल उमर मोहम्मद ने बीस हजार रुपए में सौदा तय करते हुए पांच हजार रुपए प्राप्त किए थे। इसके बाद शेष राशि देने के लिए परिवादी को 9 अगस्त को बुलाया था, लेकिन वह अवकाश पर चला गया तथा फोन पर वार्ता कर राशि कांस्टेबल रमेश कुमार को देने को कहा था। इस पर रमेश कुमार ने जैसे ही रिश्वत राशि ली। एसीबी ने उसे धर दबोचा।

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