कोटा के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा सांपों के बारे में..., जानना चाहेंगे क्यों ?

By: DHIRENDRA TANWAR

Updated On: 10 Sep 2019, 08:20:04 PM IST

  • शिक्षा विभाग ने भी दी स्वीकृती : विद्यार्थियों सर्प कैप्चर एवं हैंडलिंग तकनीक भी सीख रहे

कोटा. जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक एवं प्रोफेसर विनोद महोबिया एवं मानव कल्याण संस्थान की पहल पर स्कूली बच्चों को सर्पों के प्रति जागरूक करने के लिए कक्षा शुरू हो गई। पहली कक्षा बारां रोड स्थित सर पदमपत सिंघानिया स्कूल में लगी। इसके लिए स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मानव कल्याण संस्थान के निदेशक विनीत महोबिया ने बच्चों को सर्पों की प्रजातियां, सर्प दंश के बाद प्राथमिक उपचार के तरीके, सर्पों की पहचान, विषैले व विषहीन सर्पों के बारे में बताया। महोबिया ने जहरीले कोबरा क्रेट, वाईपर की विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी।

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बनते हैं दो निशान

महोबिया ने बताया कि विषैला सर्प काटता है तो दो निशान शरीर पर दिखते हैं। और अगर विशिंग सर काटता है तो छोटे-छोटे दांतो के निशान शरीर पर दिखते हैं। विषैला सर्प काटे तो व्यक्ति को दिलासा देना चाहिए। उस हिस्से को कम से कम हिलाना चाहिए। इसके बाद जितना जल्दी हो सके चिकित्सक का मार्गदर्शन लेना चाहिए। महोबिया ने वाइल्ड लाइफ प्रोटक्शन एक्ट की जानकारी भी दी। कहा कि इस एक्ट के अनुसार किसी भी वन्यजीव को सताना, सर्प को पकडऩा, दबाना, मारना, उसके बच्चों या अंडों को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाना अपराध है। विद्यार्थियों को सर्प कैप्चर एवं हैंडलिंग तकनीकी जानकारी भी दी। कहा कि पूर्ण रूप से दक्ष ना हो जाएं तब तक किसी सांप को पकडऩा या रेस्क्यू करने की कोशिश ना करें। अंत में सर पदमपत सिंघानिया स्कूल के प्रिंसिपल प्रवीण कुमार ने आभार व्यक्त किया। शुरू में महोबिया व मनीष माथुर का स्वागत किया।

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इसलिए की गई पहल

सर्पदंश होने पर कई लोग अंधविश्वास में फंस जाते हैं। इससे कई बार मुश्किल हो जाती है। कुछ अज्ञानतावश सर्प को मार डालते हैं। इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए संस्थान के कहने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में प्रार्थना के समय सर्पों से सम्बन्धित वार्ता करवाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत कार्यशाला का आयोजन किया।

Updated On:
10 Sep 2019, 08:20:03 PM IST

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