कांग्रेस और वाममोर्चा के आगे आखिर क्यों झुकीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी

नागरिकता संशोधित कानून(सीएए) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने संबंधी राज्य के प्रमुख विपक्ष कांग्रेस और वाममोर्चा की मांगों के आगे आखिरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को झुकना ही पड़ा।

कोलकाता.
नागरिकता संशोधित कानून(सीएए) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने संबंधी राज्य के प्रमुख विपक्ष कांग्रेस और वाममोर्चा की मांगों के आगे आखिरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को झुकना ही पड़ा। उत्तर बंगाल की ५ दिवसीय यात्रा पर सोमवार को रवाना होने से पहले उन्होंने कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा सीएए के खिलाफ जल्द ही प्रस्ताव पारित करेगी। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई निर्दिष्ट दिन का खुलासा नहीं किया।

इधर, विपक्ष ने इस ंसंदर्भ में सीएम की घोषणा को देर से लिया गया निर्णय करार दिया है। उल्लेखनीय है कि सीएए को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष की अपील को खारिज कर दिया था। इसके लिए उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है। विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान और वाममोर्चा विधायक दल के नेता डॉ. सुजन चक्रवर्ती ने ममता पर दोहरी नीति अपनाने का भी आरोप लगाया था। फलस्वरूप इसे लेकर मुख्यमंत्री पर दबाव बढ़ रहा था।

इघर, केरल विधानसभा ने सीएए विरोधी प्रस्ताव को पारित कर दिया है, वहीं पंजाब में अमरिंदर सिंह के नेतृत्ववाली कांग्रेस सरकार ने सीएए विरोधी प्रस्ताव कोविधानसभा में पेश किया है। इसे देखते हुए ममता ने भी उक्त प्रस्ताव को राज्य विधानसभा में पेश करने की घोषणा कर दी।

Prabhat Kumar Gupta Reporting
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Web Title: Why West Bengal CM Mamata Banerjee bow Down before Cong-LF
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