एनपीआर पर ममता बनर्जी ने पूर्वोत्तर के राज्यों से की यह अपील

कोलकाता.
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) पर केंद्र सरकार पर जमकर बरसीं। दिल्ली में हुई बैठक में नहीं जाने को जायज ठहराते हुए ममता ने कहा कि केंद्र के संविधान विरोधी कानून और राष्ट्रविरोधी नीतियों के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। उत्तर बंगाल के पांच दिवसीय दौरे के प्रथम दिन सोमवार को ममता ने सिलीगुड़ी की सभा में पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ गैर-भाजपा शासित राज्यों से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि आपको इस कानून (सीएए) को अपने राज्य में लागू करने से पहले इसे अच्छे से पढऩा चाहिए। इसके बाद ही इसे लागू करने को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

उन्होंने एनपीआर से जुड़े सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढऩे की भी नसीहत दी है। एनपीआर को एक खतरनाक खेल करार देते हुए ममता ने कहा कि यह एनआरसी और सीएए से पूरी तरह संबंधित है। राज्यों को इसे वापस करने के लिए प्रस्ताव पास करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि ममता ने गत बुधवार को कहा था कि उनका राज्य 17 जनवरी को नई दिल्ली में केन्द्र सरकार की प्रस्तावित राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की बैठक में हिस्सा नहीं लेगा।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को इस बात की चुनौती दी थी कि वह केन्द्र सरकार के इशारों पर नहीं चलने के लिए राज्य सरकार को ‘बर्खास्त' कर दें। एनपीआर, नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का लगातार विरोध कर रही बनर्जी ने कहा था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले ही राज्य में एनपीआर को अपडेट (अद्यतन) करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

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