यहां एक गजराज ने मकान तोड़ा तो दूसरे ने उठाकर जमीन पर पटक डाला, जानिए यहां.....

कोलकाता/खडग़पुर. पश्चिम बंगाल के खडग़पुर के शालबनी थानान्तगर्त टांगाशोल गांव में गजराज के आतंक से ग्रामीणों में दहशत है। यहां एक गजराज ने मकान तोड़ा तो दूसरे ने उठाकर एक शख्स को जमीन पर पटक डाला जिससे उसकी मौत हुई। खडग़पुर के शालबनी थाने के टांगाशोल गांव में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। मृतक कालीपद महतो (51) टांगाशोल गांव का निवासी था। टांगाशोल गांव में शुक्रवार देर रात 3 हाथी प्रवेश कर गए। उस समय कालीपद अपने घर से नित्यकर्म के लिए निकला था तभी एक हाथी ने उसके मकान को तोड़ डाला और दूसरे हाथी ने उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्जे मेंं कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत हैं। वन विभाग का कहना है कि मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता दी जाएगी। जल्द ही जंगल में मौजूद हाथी को खदेड़ा जाएगा। वन विभाग ने ग्रामीणों को सर्तक रहने और जंगल में न जाने की चेतावनी दी।

अबतक 15 दिन में 8 की गई जान
पश्चिम मेदिनीपुर जिला अन्तर्गत शालबनी थाने के विष्णुपुर गांव में हाथी के हमले से एक कृषक की मौत हो गई। इसके साथ ही अबतक जिले में पिछले 15दिनों में हाथी के हमले से 8 लोग प्राण गंवा चुके हैं। स्थानीय व पुलिस सूत्र के अनुसार मृतक खोकन घोष (50) विष्णुपुर गांव का निवासी था। हाथियों के उत्पात को रोकने के लिए खोकन अपने आलू के खेत मे पहरा दे रहा था तभी खेत में प्रवेश कर गये हाथियों के दल में से एक ने उस पर हमला कर दिया। उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो हुई। ग्रामीणों ने रविवार सुबह उसका शव आलू के खेत में देखा तो घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वनकर्मी घटनास्थल पहुंचे, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिछले पन्द्रह दिनो में हाथियों के हमले से 8 लोगों की मौत से ग्रामीणों मे काफी दहशत हैं। ग्रामीणों में वनकर्मियों के खिलाफ काफी रोष देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के लापरवाही के कारण ही हाथियों के हमले में बढोत्तरी हो रहीं। वनकर्मी हाथियों के आने--जाने के रास्ते और दिशा सटीक तरीके से तय नहीं कर पा रहे जिससे हाथियों का दल भटक कर गांव में प्रवेश कर हमला कर रहा। ग्रामीणों के खेत उजाड़ रहा और लोगों को जान भी गंवानी पड़ रही। वहीं वन विभाग का कहना है कि हाथियों को लेकर वनकर्मी पूरी तरह से सर्तक हैं। हाथियों के हरकतों पर नजर रखी जा रही ग्रामीणों को वन विभाग की ओर से बार-- बार सर्तक किया जाता है कि वे अपने घरों में अवैध शराब हांडिया,कच्चे महुआ न रखे.ं। रात को इनसब की सुगंध फैलती हैं और सुगंध मिलते ही हाथियों का दल जंगल से निकलकर उसी गांव में प्रवेश कर जाता है जिसके कारण वन विभाग को हाथियों को जंगल में रोकने में काफी परेशानी हो रही।वन विभाग को हाथियों को जंगल में रोकने में काफी परेशानी हो रही। वन विभाग का कहना है कि मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता दी जाएगी। जल्द ही जंगल में मौजूद हाथियों को झारखंड के दलमा की ओर खदेड़ा दिया जाएगा।

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