महंगाई भत्ता मामला: सैट ने बंगाल सरकार से हलफनामा मांगा

By: Ashutosh Kumar Singh

Published On:
Sep, 12 2018 10:58 PM IST

  • - 4 अक्टूबर को अगली सुनवाई

कोलकाता

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता (डीए) के मामले में प्रशासनिक न्यायाधीकरण (सैट) ने बुधवार को सरकार से हलफनामा मांगा। साथ ही दिल्ली के बंग भवन और चेन्नई के युवा हॉस्टल में कार्यरत राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ता के मामले में भी राय मांग की गई है। मामले की अगली सुनावाई 4 अक्टूबर को होगी। पश्चिम बंगाल सरकार को कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों से 49 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता दिया जाता है। उधर दिल्ली के बंग भवन और चेन्नई के युवा हॉस्टल में कार्यरत राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता देती है। कर्मचारी यूनियनों ने केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता की मांग करते हुए पहले सैट में मामला किया था, लेकिन सैट ने महंगाई को राज्य सरकार का ‘दया दान’ बताते हुए मामले को खारिज कर दिया था। सैट ने कहा था कि इसके लिए कर्मचारी सरकार पर दबाव डाल नहीं सकते। कर्मचारी यूनियनों ने सैट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 31 अगस्त को सैट के फैसले को खारिज करते हुए कहा था कि महंगाई भत्ता सरकार की ‘दया दान’ नहीं है। यह सरकारी कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वर्ष 2009 में राज्य सरकार ने ५वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था। जिससे से स्पष्ट है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा है। कर्मचारियों का कनूनी अधिकार है। हाईकोर्ट ने सैट के पास मामले को पुनर्विचार के लिए खंडपीठ ने भेज दिया था और दो महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर सैट ने दुबारा मामला की सुनवाई शुरू की है। बुधवार को पहली सुनवाई हुई। सैट को 28 अक्टूबर तक मालमे की सुनवाई पूरी करनी है।

Published On:
Sep, 12 2018 10:58 PM IST