जिनेन्द्र देव का अभिषेक,विधान पूजन में मंत्र की गूंज

By: Suresh Bharti

Published On:
Jun, 12 2019 06:24 AM IST

  • दिनाथ कॉलोनी स्थित सूरजदेवी पाटनी सभागृह में संगीतमय पंच परमेष्ठी विधान

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर). मार्बल नगरी किशनगढ़ स्थित आदिनाथ कॉलोनी स्थित सूरजदेवी पाटनी सभागृह में संगीतमय पंच परमेष्ठी विधान पूजन के दौरान मंत्रों की गूंज रही। इस दौरान भजनों की स्वर लहरियां बिखरी। केसरियां परिधान पहने श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजा की।

सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा करने का सौभाग्य अशोक कुमार अनिल कुमार अतुल कुमार लुहाडिय़ा परिवार को मिला। इसके बाद आदिनाथ संगीत मण्डल ने भजन सरिता बहाई। पण्डित बाहुबली व अंशुल शास्त्री के निर्देशन में संगीतमय विधान पूजन किया गया। आर्यिका विज्ञाश्री ससंघ उपस्थित रही।

मंत्रों के साथ नृत्य करते हुए अघ्र्य समर्पित किए। भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। पण्डित मूलचंद लुहाडिय़ा की प्रेरणा से लुहाडिय़ा परिवार की ओर से मंगलवार को विधान पूजन कराया गया।

स्वतंत्रता में स्वछंदता का दुरुपयोग गलत

आर्यिका विज्ञाश्री ने प्रवचनों में कहा कि स्वतंत्रता प्रत्येक मनुष्य का जन्म सिद्ध मौलिक अधिकार है। परमात्मा भी आदमी की स्वतंत्रता में दखलदांजी नहीं कर सकता है, लेकिन आदमी अपनी स्वतंत्रता को स्वंच्छदता में बदलकर खुश रहना चाहता है। ऐसा संभव नहीं है। स्वच्छंदता का मतलब है कि अपनी स्वतंत्रता को पतन की ओर ले जाने के लिए स्वयं ही राजी हो जाना। इस अपराध के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं। परमात्मा परम स्वतंत्र है। डर हमेशा परतंत्रता में है।

दो माह से अन्न त्याग

इस दौरान अतुल लुहाडिय़ा ने बताया कि वर्तमान में पण्डित लुहाडिय़ा करीब 2 माह से अन्न का त्याग करते हुए मात्र पेय पदार्थ लेकर धर्म मार्ग पर अग्रसर हैं। विधान पूजन में प्रकाशचंद गंगवाल, विनोद पाटनी, आर.के. मार्बल चेयरमैन अशोक पाटनी, राजेन्द्र कासलीवाल, अनिल गोधा, पदम अजमेरा, स्वरूप जैन, सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

Published On:
Jun, 12 2019 06:24 AM IST

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