नगर परिषद किशनगढ़ के 50 पार्षद आखिर कहां बैठेंगे! मौजूदा सभाकक्ष नाकाफी

By: Suresh Bharti

Published On:
Jun, 12 2019 01:52 AM IST

  • - राज्य सरकार ने परिसीमन के तहत वार्डों की बढ़ाई संख्या
    - 45 निर्वाचित और 5 मनोनीत सदस्यों को बनेगा परिषद बोर्ड

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर). मार्बल नगरी किशनगढ़ के आबादी विस्तार, नई-नई कॉलोनियों के आबाद होने तथा औद्योगिक नगरी के चलते राज्य सरकार ने नए परिसीमन के तहत वार्डों की संख्या बढ़ा दी है। दूसरी ओर परिषद का सभाकक्ष काफी छोटा है। सवाल यह है कि परिषद के ५० सदस्य मिटिंग के दौरान कैसे बैठ पाएंगे।

नगर पालिकाओं में वर्ष २०११ की जनगणना के आधार पर किशनगढ़ नगर परिषद परिक्षेत्र में वार्डो की संख्या तो बढ़ गई, लेकिन वर्तमान सभागार कक्ष इन वार्डों के निर्वाचित ५० सदस्यों के बैठने के लिए नाकाफी है। ऐसे में आगामी बोर्ड के निर्वाचित सदस्यों के साथ मनोनीत सदस्यों के बैठक के लिए नए भवन की कमी अखरेगी।
स्वायत्त शासन विभाग ने वार्डों के पुनर्गठन के बाद जनगणना वर्ष २०११ के आधार पर नगर निकायों में वार्डों की कुल संख्या का पुन: निर्धारण के आधार पर की है। वर्तमान में किशनगढ़ नगर परिषद परिक्षेत्र में45वार्ड है। इन वार्डों से 45 सदस्य निर्वाचित होकर सदन आाते हैं। ५ सदस्य मनोनीत किए जाते हैं। ऐसे में सदस्यों की संख्या ५० होती है।

वर्तमान बोर्ड और गत कई बोर्ड की मीटिंगों में इन ५० सदस्यों समेत नगर परिषद अधिकारियों को बैठने में काफी असुविधा होती है। ऐसे में वर्तमान में भी यह सभागार कक्ष अपेक्षाकृत छोटा है, जबकि अब नए परिसीमन के बाद निर्वाचित सदस्यों की संख्या 60 होगी। संभवत: मनोनीत सदस्यों की संख्या भी ६ से ७ होगी। इनके अतिरिक्त सांसद और विधायक के भी बैठने के लिए उपयुक्त जगह की जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त नगर परिषद के अधिकारी एवं अन्य शाखाओं के प्रतिनिधि भी बोर्ड की मीटिंग में शामिल रहते हैं और वर्तमान सभागार कक्ष अपेक्षाकृत छोटा रह सकता है।

दर्शक दीघा भी उपयुक्त नहीं
जन प्रतिनिधि सदन में अपने-अपने क्षेत्र के विकास के लिए किस तरह से प्रतिनिधित्व किया है। जन समस्याओं के लिए क्या प्रयास किए। यह देखने के लिए वर्तमान में दर्शक दीघा भी उपयुक्त नहीं है। नगर के बाशिंदों को दर्शक दीर्घा के नाम पर एक गेलेरी में लोहे की जालियों के पीछे खड़ा रहना पड़ता है। संख्या अधिक होने नागरिकों को खासी परेशानी भी होती है।

माइक की व्यवस्था न तकनीकी साउंड सिस्टम

सभागार कक्ष में न तो माइक सिस्टम है और न ही राष्ट्रगान के लिए तकनीकी साउंड सिस्टम। कई बार सभाध्यक्ष की ओर से कहीं गई बात पीछे तक बैठे सदस्य सुन तक नहीं पाते। इस वजह से ज्यादातर समय सदन की बैठक में शोर शराबे की भी स्थिति बन जाती है। यहीं नहीं वर्तमान सभागार कक्ष में राष्ट्रगान के लिए भी सालों पुराने टेपरिकॉर्ड ही काम में लिया जा रहा है।

47 साल है वर्तमान सभागार कक्ष

वर्तमान सभा भवन राष्ट्रीय स्वंतत्रता दिवस एवं नगर पालिका किशनगढ़ की रजत जयंती वर्ष की स्मृति में निर्माण कराया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री बरकतुल्ला खां ने १९ नवम्बर १९७२ को इस सभा भवन का उद्घाटन किया था। इस वक्त नगर पालिका किशनगढ़ अध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल शर्मा एवं अधिशासी अधिकारी दिनेशचंद शर्मा थ

Published On:
Jun, 12 2019 01:52 AM IST

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