दिग्विजयसिंह के सामने किस विधायक का हुआ विरोध, कार्यकर्ता बोले- करा देंगे घर वापसी

By: hemant jat

Published On:
Jul, 05 2018 12:36 PM IST

  • सर्किट हाउस पर बंद कमरे में सिंह ने की कार्यकर्ताओं से की मुलाकात
    गुटों में समर्थकों के साथ पहुंचे नेता, अलग-अलग धड़ों में दिखें

खरगोन.
विधानसभा चुनाव में जीत की उम्मीद में जुटी कांग्रेस के सामने गुटबाजी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। खरगोन जिले की बात करें, तो यहां कांग्रेस कई गुटों में बटी हुई है। इसकी बानगी गुरुवार को फिर देखने को मिली। चुनाव के लिए प्रदेश समन्वय समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह पार्टी नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए खरगोन पहुंचे और वे खुद उलझन में फंस गए। दरअसल, भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से उनके विधानसभा क्षेत्र में विरोध के स्वर उठ रहे हैं। जिसके संबंध में क्षेत्र के कार्यकर्ताओं द्वारा दिग्विजयसिंह के नाम स्टांप पर अपनी बात लिखी है। जिसमें कार्यकर्ताओं ने झूमा सोलंकी पर भाजपाईयों की मदद का आरोप लगाते हुए कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ाने का उल्लेख किया गया है। उल्लेखनीय है कि झूमा सोलंकी द्वारा अपने क्षेत्र में भीकनगांव, झिरन्या, गोगावां और भगवानपुरा क्षेत्र में पुराने ब्लॉक अध्यक्षों को पद हटकर अपने चेहतों को अध्यक्ष बनाया है। जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है। हालांकि झूमा सोलंकी ने इसे घर का मामला बताते हुए गुटबाजी पर कोई जवाब नहीं दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिट्टी
कार्यकर्ताओं द्वारा की गई शिकायत पत्र गुरुवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें कार्यकर्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि क्षेत्र में झूमा सोलंकी को फिर से टिकट दिया जाता है, तो कार्यकर्ता काम नहीं करेंगे और इनकी घर वापसी करा कर दम लेंगे। इस चिट्टी के सोशल साइड पर वायरल होने पर विपक्षी दल भाजपा के नेता भी चुटकी लेकर कांग्रेस का मजाक उड़ा रहे हैं।

बंद कमरे में की कार्यकर्ताओं से चर्चा
इधर, खरगोन पहुंचे पूर्व सीएम से मिलने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सर्किट हाउस पहुंचे। लगभग २०० से ज्यादा कार्यकर्ताओं से दिग्विजय ने दो घंटे तेक बंद कमरे में चर्चा की। कई नेता टिकट की चाह में अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। इनसे अलग-अलग चर्चा हुई। यहां भी नेता गुटों में बटे हुए नजर आए।

नहीं आए यादव बंधु
पीसीसी चीफ का पद जाने के बाद अरुण यादव और उनके अनुज व कसरावद सचिन यादव ने कुछ समय से पार्टी की गतिविधियों से किनारा कर रखा है। यह दूरी गुरुवार को एक वक्त तक नजर आई। सर्किट हाउस पर दिग्विजयसिंह से मिलने के लिए जिलेभर के कार्यकर्ता पहुंचे थे, वहीं यादव बंधुओं की अनुपस्थित चर्चा का विषय बनी रही।

घर का मामला
कोई भी इंसान पूरी तरह सही नहीं हो सकता। उससे गलतियां भी होती है। गुटबाजी को लेकर आरोप बेबुनियाद है। यह हमारे घर का मामला है, जिसे सुलझा लिया जाएगा।
झूमा सोलंकी, विधायक भीकनगांव

Published On:
Jul, 05 2018 12:36 PM IST