जिला पंचायत सदस्यों के विरोध के बीच प्रभारी मंत्री ने खींचा विकास का खाका 

  • यूपी के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने की अधिकारियों के साथ बैठक
कौशांबी. प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार जिले में आए प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने जिले के विकास का खाका तैयार करवा उस पर मली जामा पहनने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। प्रभारी मंत्री ने जिले मे केंद्र व प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं को पूरी तरह पालन कराए जाने के लिए जिला विकास योजना के सदस्यों के साथ बैठक कर उस पर काम करने को कहा। हालांकि प्रभारी मंत्री को अपने पहले दौरे मे ही जिला पंचायत सदस्यों का विरोध भी झेलना पड़ा। जिला पंचायत सदस्यों ने खुद की उपेक्षा का आरोप लगा बैठक का बहिस्कार किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुये राज्य मंत्री ने कहा कि कौशांबी मे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।




राज्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी को कौशांबी जिले का प्रभारी मंत्री भी बनाया गया है। सरकार के गठन के बाद शनिवार को पहली बार प्रभारी मंत्री जिला मुख्यालय पहुंचे जहां उन्होने जिला योजना समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में भाग लेते हुये प्रभारी मंत्री ने जिले के चहुमुखी विकास का खाका तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। 




उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नमामी गंगे व सफाई योजना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। राज्य सरकार की 31 महत्वाकांक्षी योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए सभी अधिकारियों को सही तरीके से काम करना होगा। उन्हांेने निर्देश दिया कि तहसील व थाना दिवस के बाद गांवों का भ्रमण कर वहा की हकीकत को अधिकारी जरूर जाने। बिजली विभाग के अधिशाशी अधिकारी को निर्देश दिया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतिकरण योजना को समय से गुणवत्ता पूरवाक कराया जाय। जले हुये बिजली के ट्रान्सफार्मरों को 48 घंटे मे हर हाल मे बदला जाय।





मंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद के लिए यदि काटो की अधिक आवश्यकता है तो उसे दो दिन मे पूरा कर लें। सीएम के मुख्य प्रोजक्ट गड्ढा मुक्त सड़क का भी प्रभारी मंत्री ने जिक्र करते हुये समय पीआर पूरा करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग व जलनिगम को भी सही तरीके से कामो को करने का निर्देश दिया गया। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुये कहा कि इनामिया व फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया जाय। भू-माफियायों पर शिकंजा कसा जाय। हाइवे पर कड़ी निगरानी रखे जाने का भी सख्त निर्देश दिया।




इस दौरान जिला पंचायत के लगभग बीस सदस्यों ने यह कहते हुये बैठक का बहिस्कार कर दिया कि उन्हें नजर अंदाज किया जा रहा है। उनकी बातों को अनसुना कर उन्हंे बाहर जाने को कहा गया। जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि जिलाधिकारी ने उन्हें बाहर जाने को कहा। हालांकि पत्रकारों से वार्ता करते हुये प्रभारी मंत्री ने सदस्यों के बहिस्कार के मामले को गलत बताया। प्रभारी मंत्री का कहना था कि बैठक के दौरान सभी सदस्य मौजूद थे।