भूमि अधिग्रहण में मुआवजा के लिए दोहरी नीति से नाराज किसान, अधिकारियों से हुई नोकझोंक

By: Akhilesh Kumar Tripathi

Updated On:
02 Dec 2018, 11:02:21 PM IST

 
  • किसानों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन मुआवजा देने में दोहरी नीति अपना रहा है।

कौशांबी. रेलवे विभाग की तरफ से फ्रेंट कारीडोर के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों मे आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन मुआवजा देने में दोहरी नीति अपना रहा है। रविवार को सिराथू पहुंचे रेलवे अधिकारियो व कर्मचारियों को किसानों का विरोध झेलना पड़ा।

रेलवे विभाग को पहले से ही किसानों के विरोध का अंदेशा था जिसके चलते स्थानीय प्रशासन के साथ भारी पुलिस बल लेकर मौके से पहुंचा था, इसके बाद भी स्थानीय किसानों ने रेलवे अधिकारियों के साथ तीखी बहस किया। स्थानीय अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को समझ बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद रेलवे ने काम शुरू कराया। फ्रेंड कारीडोर के लिए रेलवे प्रशासन एक नई रेल लाइन बना रहा है,जिसके लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अधिग्रहित भूमि का सर्किल रेट का मुआवजा दिया जा रहा है।

तमाम किसानों का आरोप है कि मुआवजा निर्धारण में रेलवे विभाग ने दोहरी नीति अपनाया है। एक समान भूमि के लिए किसी किसान को करोड़ रुपये तो किसी किसान को लाख रुपये तक ही दिये गए हैं । रविवार को सिराथू तहसील के सिराथू गांव में अधिग्रहित भूमि पर रेलवे ठेकेदार जेसीवी मशीन व दर्जनों मजदूरों के साथ काम शुरू करने पहुंचा। ठेकेदार को देख इलाके के दर्जनों किसान मौके पर पहुंच गए|

मौके पर पहुंचे रेलवे के डिप्टी सीपीएम (ई) बी के वर्मा से किसानों की तीखी बहस हुई। किसानों के विरोध को देख रेलवे अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए । मौके पर मौजूद एसडीएम सिराथू ज्योति मौर्या ने किसानों को समझा बुझा शांत किया| रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों को शिकायत है वह प्रयागराज कमिश्नर से मिले।

 

BY- SHIV NANDAN SAHU

Updated On:
02 Dec 2018, 11:02:21 PM IST

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