बच्चों को सूखा रोग दे सकता है स्मार्टफोन का रेडिएशन

By: Alok Pandey

Updated On: Apr, 17 2019 12:06 PM IST

  • रात में प्रयोग से नींद होती प्रभावित, अनिद्रा की शिकायत

कानपुर। मोबाइल रेडिएशन बड़ों से ज्यादा बच्चों के लिए खतरनाक है। स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले या फिर इस्तेमाल करने वाले के साथ रहने वाले बच्चों को सूखा रोग हो सकता है। रात के वक्त मोबाइल स्क्रीन की लाइट बच्चों की आंखों पर बुरा असर डालती है, इसलिए रात के वक्त भी मोबाइल का प्रयोग न बच्चों को करने दें और न खुद करें।

शरीर में होती कई दिक्कतें
स्मार्टफोन का ज्यादा प्रयोग शरीर में कई दिक्कतें पैदा करता है। इसके प्रयोग से फ्रोजन शोल्डर, स्पाइन की समस्या, गरदन में दर्द, आंखों में भारीपन की समस्या हो जाती है। धीरे-धीरे ये समस्याएं गंभीर होती चली जाती हैं और इलाज पर भी जल्दी राहत नहंी मिलती।

रेडिएशन का प्रभाव
स्मार्टफोन का रेडिएशन दिमाग से निकलने वाले केमिकल को असंतुलित करता है। जिससे नींद की प्रक्रिया बिगड़ती है और दिन व रात में सुकून नहीं मिलता। रेडिएशन नींद में मददगार हारमोन मेलाटोनिन निकलने की प्रक्रिया को बाधित करता है। जिससे पूरी दिनचर्या भी प्रभावित होती है।

सोने के दो घंटे पहले छोड़ से फोन
आईआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सिगनल प्रोसेसिंग में शोध छात्रा मंजीर मजूमदार ने आईएमए सीजीपी में यह जानकारी देते हुए बताया कि लोग सोने से पहले मोबाइल का प्रयोग करते हैं जो खतरनाक है। सोने की तैयारी पर फस्र्ट स्लीप में अच्छा हारमोन निकलता है, आंख बंद करने पर दूसरी तरह का और गहरी नींद में तीसरी तरह का हारमोन निकलता है, पर रेडिएशन इन हारमोन को असंतुलित कर देता है।

बच्चों पर बुरा असर
विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों के सिर की हड्डी पतली होती है। उन पर रेडिएशन जल्दी असर डालता है। स्मार्टफोन से निकलने वाली रंगीन किरणें आंखों पर असर डालती हैं। जिससे सूखा रोग भी हो सकता है। इसके अलावा बच्चों को ज्यादा देर तक टीवी और डेस्कटॉप के सामने भी न बैठने दें।

 

 

Published On:
Apr, 17 2019 12:06 PM IST

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