पति की शहादत पर गर्व, शहीद का दर्जा दें पीएम

By: Vinod Nigam

Updated On: Mar, 03 2019 02:10 PM IST

 
  • शहीद प्रदीप यादव की पत्नी ने कहा कि कि पुलवामा आतंकी हमले में मारे गए सीआरपीएफ के जवानों को मिले शहीद का दर्जा, जिससे हम अपने बच्चों का ठीक तरीके से कर सकें पालन-पोषण।

कानपुर। पुलवामा आतंकि हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जिनमें कानपुर देहात के श्यामबाबू और कन्नौज के प्रदीप यादव शहादत पाई थी। कानपुर के स्माल आर्म फैक्ट्री ने दोनों के परिजनों को सम्मानित के लिए कार्यक्रम रखा। जिसमें हरदोई से आई एक महिला ने उन्हें एक लाख पच्चीस हजार रूपए का चेक सौंपा। साथ ही आर्म फैक्ट्री के अधिकारी और कर्मचारियों ने एक माह का वेतन शहीदों के परिजनों को दे दिया। इस मौके पर शहीद प्रदीप की पत्नी नीरजा यादव ने कहा कि पति की शहादत पर मुझे गर्व है। मोदी सरकार से हमारी मांग है कि वो पति को शहीद का दर्जा दें, जिससे मैं अपने बच्चों का ठीक तरीके से पालन-पोषण कर सकूं।

किया सम्मानित
स्माल आर्म फैक्ट्री की तरफ से पुलवामा हमले में शहीद हुए कानपूर के श्यामबाबू और प्रदीप यादव की फेमली को दो दो लाख की सहायता के साथ सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हरदोई की एक व्यापारी महिला ने सवा सवा लाख की नगद सहायता भी की। शहीद प्रदीप की पत्नी नीरजा यादव ने पकिस्तान से वापस लौटे पायलट अभिनन्दन के लिए ख़ुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रसंसा की। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्य सराहनीय है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ ये ऑपरेशन ऐसे ही बदस्तूर जारी रहना चाहिए। नीरजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि सेना की तरह सीआरपीएफ के जवानों को भी शहीद का दर्जा देकर सभी सुविधाएं प्रदान करें। वायू सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए आतंकियों को हमारे जवानों ने मार गिराया, ऐसे और हमले पाकिस्तान पर होने चाहिए।

कर्मचारियों ने दिया वेतन
स्माल आर्म फैक्ट्री के अधिकारी व कर्मचारियों ने अपनी एक माह की वेतन शहीद के परिजनों को दे दी। इस मौके पर स्माल आर्म्स फैक्ट्री के जीएम संजय कुमार पटनायक ने कहा कि ये हमारी तरफ से शहीदों के लिए एक छोटा सा सम्मान था । उनके परिजनों को सम्मानित करके हम खुद को गौरवान्नित महसूस कर रहे हैं। जीएम ने कहा कि देश के लोगों को शहीदों के परिजनों के लिए आगे आना चाहिए। वो हमारी रक्षा करने के लिए सरदह पर 24 घंटे ड्यूटी करते हैं, तब हम अपने घरों पर चैन से सो पाते हैं। रही बात जवानों को शहीद के दर्जे का तो इस पर सरकार को विचार करना है।

किसान यूनियन ने कहा मिले दर्जा
भारतीय किसान युनियन के जिलाध्यक्ष रमेश कुशवाहा ने बताया कि सीआरपीएफ, बीएसएफ हो या फिर दूसरी पैरामिलिट्री फोर्स का जवान अगर किसी आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त होता है तो उसे सेना के जवान की तरह से शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं सेना के शहीद जवान के परिवार को मिलने वाले मुआवजे और दूसरी सुविधाएं जैसे लाभ भी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान के परिवार को नहीं मिलती हैं। रमेश कुश्वाहा ने कहा, शाहदत के दोहरे मापदण्ड की लड़ाई अब किसान युनियन लड़ेगा। बताया, सेना के जवानों को शहीद का दर्जा ही नहीं डयूटी के दौरान सामान्य मौत होने पर भी बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं.। लेकिन बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित दूसरी फोर्स के जवानों को आतंकवादियों और नक्सलियों से मुठभेड़ में वीरगति मिलने के बाद भी न तो शहीद का दर्जा मिलता है और न ही उसके परिवार को कोई अतिरिक्त सुविधा।

Published On:
Mar, 03 2019 02:10 PM IST

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