कांग्रेसियों ने राहुल को भेजा ईमेल, प्रियंका को यहां से टिकट दें प्लीज

By: Vinod Nigam

Published On:
Jan, 26 2019 08:25 PM IST

 
  • कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को किया ईमेल, कानपुर सीट से प्रियंका गांधी को चुनाव लड़वाए जाने की मांग, बताए फाएदे।

कानपुर। लोकसभा चुनाव का शंखदान हो चुका है। भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए अखिलेश और मायावती ने गठबंधन कर यूपी की सियासत गर्म कर दी तो वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सटीक चाल से विरोधी खेमें के अंदर खलबली मचा दी। उन्होंने बहन सोनिया वाड्रा गांधी को राष्ट्रीय महासचिव बना पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंप दी। इसी के बाद कानपुर में दो गुटों में बंटी कांग्रेस का एक धड़े के नेताओं ने पार्टी हाईकमान को ईमेल के जरिए संदेश भिजवा कर प्रियंका गांधी को कानपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़वाए जाने की मांग की है।

10 सीटों पर कर सकती हैं उलटफेर
कांग्रस नगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को एक ईमेल किया। जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग की है कि प्रियंका गांधी को मजदूरों के शहर से चुनाव के मैदान में उतारा जाए। इससे पार्टी को जहां गुटबाजी से मुक्ति मिल जाएगी, वहीं कानपुर-बुंदेलखंड की कई सीटों पर कांग्रेस को बढ़त मिल सकती है। कांग्रेसियों का मानना है कि कानपुर में आसपास की 10 से ज्यादा लोकसभा सीटों के वोटर्स यहां जॉब करते हैं। प्रियंका के चुनाव लड़ने से इस सीटों पर पार्टी मजबूत होगी। कांग्रेसी नेताओं की मानें तो प्रियंका के यहां से चुनाव में उतरने से बुंदेलखंड की 4 लोकसभा सीटों पर पार्टी का कब्जा हो सकता है।

कांग्रेस की बुंदेलखंड पर नजर
एक वक्त था कि कानपुर के साथ ही बुंदेलखंड कांग्रेस का गढ़ हुआ करते थे, लेकिन 1989 के बाद हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, झांसी , जालौन और महोबा में पंजा बेपटरी हो गया। करीब 15 लाख्स दलित बाहूल्य 19 विधानसभा और 4 लोकसभा सीटों पर 2014 तक बसपा व सपा का कब्जा रहा, लेकिन 2014 से लेकर 2017 तक यहां मोदी लहर चली और सभी सीटों पर कमल खिला। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद कांग्रेस ने यहां से जीत की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने के बाद पंजे की ताकत में इजाफा हुआ है। नगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री कहते हैं कि राष्ट्रीय महासचिव यदि कानपुर से चुनाव लड़ती हैं तो पार्टी बुंदेलखंड की सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

गुटबाजी से मिलेगी मुक्ति
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस दो गुटों में बंटी है। ख्ुद राहुल गांधी ने दोनों तरफ के नेताओं को एक करने के लिए दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं को भेजा, बावजूद हालात पहले की तरह बनें हुए हैं। नगर सीट से पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के चुनाव में उतरने के ऐलान के बाद दूसरे खेमें के नेता भी अब अपनी दावेदारी पार्टी हाईकमान तक पहुंचा दी है। कांग्रेस के नेता आलोक मिश्रा तो वहीं अजय कपूर भी चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। शहर की दिवारों में नववर्ष की शुभकामना के साथ अपनी दावेदारी की हुई है। नगर अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि यहां से प्रियंका गांधी चुनाव के मैदान में उतरेंगे। यदि ऐसा होता है तो उनकी जीत के साथ ही दिल्ली से भाजपा की रवानगी तय हैं।

इसलिए कानपुर को जीतना चाहते हैं कार्यकर्ता
कहा जाता है कि जिस पार्टी का प्रत्याशी कानपुर से जीतता है उसी की सरकार दिल्ली में बनती है। 2004 से लेकर 2014 तक श्रीप्रकाश जायसवाल यहां से सांसरद चुने गए और यूपीए की सरकार दिल्ली में 10 सालों तक रही। इसके पहले 1999 में द्रोण यहां से जीते तो अटल जी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे। 1995 में भी कांग्रेस का प्रत्यशी यहां से जीत दर्ज की थी और नरसिम्भा राव की सरकार बनी थी। रजनीति शास्त्र के प्रोफेसर रमेश तिवारी कहते हैं कि यहां पर करीब छह लाख ब्राम्हण वोटर्स है, जो हार जीत में अहम रोल अदा करता है। इसके साथ ही यहां मजदूर भी हैं, और जिनकी तरफ इनका रेला चलता है वही प्रत्याशी जीतता है।

मुरली मनोहर को मिली थी जीत
2014 लोकसभा चुनाव के दौरान यहां भाजपा ने डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी को मैदान में उतारा, तो कांग्रेस ने पूर्वमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल पर भरोसा कर टिकट थमाया। अधिकतर लोग कह रहे थे कि पूर्वमंत्री चुनाव जीत जाएंगे, लेकिन जब परिणाम आया जब डॉक्टर जोशी कानपुर में सबसे ज्यादा वोटों से रिकार्ड जीत दर्ज की थी। इसके बाद जितने चुनाव हुए, उन सभी में कमल खिला। कांग्रेस अब हरहाल में ये सीट जीतना चाहती है और इसी के चलते कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी को यहां से चुनाव के मैदान में उतारने की मांग कर दी है।

 

Published On:
Jan, 26 2019 08:25 PM IST

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