40 साल से बना रहा बंदूक, AK-47 बनाने में माहिर

By: Vinod Nigam

Published On:
Nov, 23 2018 07:30 PM IST

 
  • रनियां में तॅैयार करते थे असलहे, चबंल और पाठा में भी पहुंचाते थे बंदूक, नौबस्ता पुलिस ने दबोचे तस्कर।

कानपुर। फतेहपुर से शहर में अवैध रूप से असलहों की खेप आने की जानकारी पुलिस को कईदिनों से मिल रही थी, जिनको दबोचने के लिए पुलिस ने अपने मुखबिर लगा दिए। सटीक सूचना पर शुक्रवार को नौबस्ता थानाक्षेत्र के समाधि पुलिया के पास बाइक सवार दो लोगों को पुलिस ने हाथ देकर रोका। पर उन्होंने बाइक भगा दी। पुलिस ने उनका पीछा कर पकड़ लिया और बंधी बोरे को खोला तो उसके अंदर छह राइफल, सात बंदूक और दर्जनभर तमंचे थे। आरोपियों को लेकर पुलिस थाने पहुंची और पूछताछ के दौरान दोनों ने कई राग उगले। एसपी रवीना त्यागी ने बताया कि पिता-पुत्र ने रनियां में असलहों की अवैध फैक्ट्री चला रहे थे। ये लोग वहां से असलहे लाते और अपराधियों को बेंचते थे। आरोपियों का पूरा परिवार इस कारोबार में लिप्त है ।

नौबस्ता पुलिस ने किया गिरफ्तार
एसएसपी के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसपी साउथ रवीना त्यागी की स्वाट टीम को मुखबिर ने सूचना दी थी कि फतेहपुर से 2 लोग बाइक से अवैध असलहे लेकर कानपुर आ रहे हैं। बाइक का पुलिसवालों ने पीछा किया। नौबस्ता की समाधि पुलिया के पास नसीम और नफीस को अवैध असलहों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तमाम रायफल, तमंचे बरामद हुए हैं। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि इस धंधे में उनका पूरा परिवार शामिल है। दस साल से अवैध असलहों को बेचने का काम ये लोग कर रहे हैं।

15 साल की उम्र से मना रहा असलहा
खागा निवासी नसीम की उम्र जब महज 15 साल की थी, तभी से वो असलहे बनाने के गुय सीखे। इसके बाद नसीम ने इस कारोबार में अपने बेटे को शामिल कर लिया। पिता-पुत्र की जोड़ी ने इसके बाद फतेहपुर के बाहर अपने पैर पसारे। कुछ साल दोनों ने किराए का घर लेकर कानपुर में असलहे बनाए और बेचें। इसके बाद दोनों ने रनियां में अपना ठिकाना बना लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी नफीस ने बताया कि वो छोटे से लेकर बड़े असलहे चंद मिनट में बना लेता है। एक-47, राईफल और आधुनिक हथियार बनाने में भी नफीस निपुण है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो 40 साल से अवैध करोबार करता आ रहा है। कईबार पुलिस ने नफीस को पकड़ा और जेल भेजा। बाहर आते ही अरोपी परिवार समेत दूसरे शहर में किराए का मकान लेकर फिर से बंदूक के काम में लग जाता था। पाठा और चंबल के जंगलों में भी असलहों की खेप पहुंचाता रहा है।

5 अन्य गिरफ्तार
एसपी ने बताया कि शहर में लाए गए असलहे कहां और किसको देने थे। असलहों की खेप देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरा गैंग खड़ा हो सकता है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पाठा के जंगल में भी वो असलहे बेचता रहा है। साथ ही यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी शातिर असलहों की खेप पहुंचाते थे।

Published On:
Nov, 23 2018 07:30 PM IST

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