इस वजह से जाबांज सिपाही राशिद खान पर गिरा दी गई गाज

By: Vinod Nigam

Published On:
Jul, 07 2019 06:25 PM IST

 
  • ककवन थाना़ोत्र का मामला, दबगों से गरीब को बचाया और आरोपी को पकड़ कर लाए चौकी, बदले में सिपाही को चौकी से हटाने के साथ ही आरोपी को छोड़ा।

कानपुर। सिपाही राशिद खान को ट्रेनिंग के दौरान जो शिक्षा-दिक्षा दी गई, उसे वो पिछले पंद्रह सालों से पूरी इमानदारी के साथ निभाते आ रहे हैं। कभी अपराधियों और सफेदपोशों के सामने नहीं झुके और इसी के चलते उनका आएदिन ट्रांसफर होता रहता है। पर देरशाम एक ऐसी घटना ने उन्हें अंदर से झकजोर दिया। विषधन चौकी ये महज कुछ दूरी पर दबंग गरीब को बेरहमी से पीट रहे थे। सिपाही दौड़ कर मौके पर पहुंचे और दबंगों के चंगुल से गरीब को छुड़ाकर आरोपियों को चौकी ले गए। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे जाने की तैयारी चल रही थी, तभी एक फोन आया और शातिरों को उन्हें छोड़ना पड़ा। इतना ही नहीं सिपाही के इस कार्य के बदले इनाम के तौर पर चौकी से हटाकर थाने में अटैच कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला
विषधन चौकी निवासी हरि राठौर का बेटा विपिन अपने कुछ साथियों के साथ मदारूल के घर पर धावा बोल दिया। उसे घसीटकर बाहर लाए और बेरहमी से पीटने लगे। तभी चौकी में तैनात सिपाही राशिद खान की नजर दबंगों पर पड़ी तो उन्होंने अपनी जान में खेलकर गरीब को बचाया और विपिन को दबोच कर चौकी ले गए। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने से पहले ही उसे छोड़े जाने का आदेश ऊपर से आ गया। साथ ही सिपाही को पुरूस्कार देने के बजाए उसका ट्रांसफर ककवन कर दिया गया। सिपाही राशिद खान का आरोप है कि दबंग हरि राठौर और उसके बेटे विपिन का आसपास के गांवों में दबदबा है। जब मैंने विपिन को गिरफ्तार कर चौकी लेकर आया। कुछ देर के बाद भाजपा नेता मिन्टू और हरि चौकी आ गए। उन्होंने सीओ को फोन लगा विपिन को छोड़े जाने को कहा। जिस पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया।

पीड़ित को चौकी से भगाया
इस बीच पीड़ित मदारूल परिवार के साथ चौकी आया और दबंगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने उसे वहां से भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि विपिन आएदिन शराब पीकर हमारे घर की बहू-बेटियों को छेड़ता है। बुधवार को उसने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की। मैंने उसे चले जाने को कहा, जिस पर वो आगबबूला हो गया और धमकी देते हुए भाग गया। कुछ देर के बाद विपिन अपने साथियों के साथ आ धमका और मुझे पीटने लगा। जान बचाने की गुहार लगाई तो सिपाही राशिद खान आ गए। विपिन के पिता भाजपा से जुड़े हैं और इसी के चलते पुलिस दबंगों पर कार्रवाई नहीं करती।

इस वर्ग के लोगों को चौकी से हटाएं
सिपाही का आरोप है कि भाजपा नेता मिन्टू राठौर और हरि राठौर लोकसभा चुनाव के वक्त चौकी में आए थे। उन्होंने चौकी इंचार्ज से कहा था कि मुस्लिम वर्ग के लोगों को यहां से हटाएं। उन्होंने मेरा ट्रांसफर कराने के लिए अलाधिकारियों के पास जाकर फर्जी शिकायत की, लेकिन आचार संहिता लग जाने के कारण मेरा स्थान्तरण रूक गया। सिपाही ने कहा कि तब एसओ साहब ने थाने में अटैच कर लिया तो इस पर मैंने उसने अपनी गलती जानी। जिस पर एसओ साहब ने कहा कि सीओ साहब के कहने पर तुम्हारा ट्रांसफर किया गया है। सिपाही का आरोप है कि भाजपा नेताओं के कहने पर मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सिपाही ने कहा कराएं जांच
सिपाही राशिद खान ने डीआईजी रेंज कानपुर, एडीजी और एसएसपी अनंत देव तिवारी से मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। यदि दोषी पाया जाऊं तो मुझे लाइन हाजिर के साथ जो सजा देना चाहें, वो दें। अगर हरि और विपिन दोषी हो तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। सिपाही ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। एक गरीब को मेरी आंख के सामनें पीटा गया। मैंने अपनी जान में खेलकर उसे बचाया, बदले में बिना कसूर के मुझे चौकी से हटा दिया गया।

Published On:
Jul, 07 2019 06:25 PM IST

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