सरकार की लापरवाही का नतीजा है जहानाबाद बवाल: साध्वी प्राची

By: Hariom Dwivedi

Published On:
Jan, 15 2016 09:33 PM IST

  • अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आईं साध्वी प्राची ने कहा कि मामले की गंभीरता से केंद्रीय गृहमंत्री को अवगत करा दिया गया है, साथ ही उच्च स्तरीय जांच की मांग की है

कानपुर.
जहानाबाद में गुरुवार को हुए बवाल की जिम्मेदार जिला प्रशासन है। 25 साल से हर वर्ष शोभायात्रा लोहड़ी के दिन निकाली जाती है, जिसकी जानकारी प्रशासन को थी। जानकारी के बावजूद प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाया, जितके चलते हिंसा भड़की। हमने जहानाबाद में हुई हिंसा की जानकारी गृहमंत्री को दे दी है। यह कहना है अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आईं केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर केंद्रीय मंत्री पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह खुद घटनास्थल पर मौजूद थीं और सुरक्षा-व्यवस्था देखकर दंग रह गईं। बीते 25 सालों से वह इस आयोजन से भलीभांति परिचित हैं। 10 सालों से यह कार्यक्रम वृहद रूप से होता है। इसके बाद भी प्रशासन ने संजीदगी नहीं दिखाई और जिला कलंकित हो गया।

विपक्ष के आरोपों पर करारा जवाब देते हुए साध्वी ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार होती है तो क्यों हिंसा-उपद्रव होता है। हमें उपद्रव के लिए बदनाम किया जाता है। हम पूछना चाहते हैं कि राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि में भाजपा की सरकार है, वहां ऐसा क्यों नहीं होता है। समाजवादी सरकार जान बूझकर दंगे करा रही है। उन्होंने कहा कि शांति सद्भाव के प्रयास में प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहा है। बैठक में सपा के जिलाध्यक्ष व विधायक बुलाए गए, भाजपा के विधायक व अध्यक्ष को क्यों नहीं बुलाया गया।
Kanpur

गलियों में पसरा रहा सन्नाटा
हिंसा से झुलसे जहानाबाद कस्बे में माहौल पटरी में लाने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी दिन भर जूझते रहे, लेकिन दहशत व आक्रोश के कारण बाजार पूरी तरह से बंद रहा। बूंटों की आहट के चलते लोग अपने-अपने घरों में कैद रहे। चाय-पान तक की दुकानें भी नहीं खुली। जुमे की नमाज को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी का पहरा रहा।

पुलिस ने 27 उपद्रियों को भेजा जेल
पुलिस ने दंगे के आरोपी 27 लोगों को शुक्रवार शाम जेल भेज दिया। गुरुवार को मकर संक्रांति उत्सव की शोभा यात्रा के दौरान हुए बवाल में आगजनी, पथराव व फायरिंग की घटना के बाद से एडीजी ब्रजभूषण व डीआईजी भगवान स्वरूप, एसपी हमीरपुर मुनिराज के अलावा इलाहाबाद कौशाम्बी के एएसपी सहित जिले के डीएम राजीव रौतेला, एसपी राजीव मल्होत्रा ने शुक्रवार को कस्बे में घूमकर लोगों से दुकानें खोलने की अपील की। बावजूद इसके कस्बे का कोई व्यापारिक प्रतिष्ठान नहीं खुला।

नमाज सकुशल निपटी, राहत की सांस ली
दोपहर बाद जुमे की नमाज सकुशल सम्पन्न होने के बाद अफसरों के माथे से चिंता हटी। डीएम एसपी ने खुद मस्जिदों में पहुंच कर मौलाओं से मुलाकात की। इसके बाद अपराह्न में नगर पंचायत में शांति कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें कस्बे के अमन पसंद लोगों ने शांति और भाईचारा कायम रखने का अफसरों को भरोसा दिया।

पढ़िए, क्यों भड़की थी हिंसा और क्या था पूरा मामला

महिलाएं थाने पहुंची, पुलिस सर्तक रही
गिरफ्तारी को लेकर सम्प्रदाय विशेष की महिलाएं थाने पहुंची और उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। माहौल को शांत करने के लिए एडीजी और डीआईजी खुद कस्बे की तंग गलियों में सुबह 9 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक घूमते रहे। एसपी राजीव मल्होत्रा ने 27 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उधर डीएम ने कस्बे को 4 सेक्टर में बांट कानून-व्यवस्था संभालने के लिए लेखपालों की क्यूआरटी टीम, एसडीएम, तहसीलदारों के अलावा खंड विकास अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया है

फिर माहौल गरमाया
पीस कमेटी की बैठक के बाद नगर पंचायत कार्यालय के बाहर एक बार फिर माहौल उत्तेजक हो गया। भाजपा जिला पंचायत सदस्य जयंत्री वर्मा ने बाहरी नेताओं के माहौल बिगाड़ने के आरोप का विरोध किया। सड़कों में सन्नाटा रहा, लेकिन गलियों में युवाओं के झुंड देखे गए।

Published On:
Jan, 15 2016 09:33 PM IST

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