वल्र्ड यूथ स्किल डे पर जानिए जोधपुराइट्स में जॉब,बिजनेस और स्टार्टअप का क्रेज

By: MI Zahir

Published On:
Jul, 14 2019 04:01 PM IST

 
  • जोधपुर.जोधपुराइट्स ( jodhpurites ) में जॉब ( jobs in india ), बिजनेस ( Business ) और स्टार्टअप ( start up ) को लेकर गजब का क्रेज ( craze ) है। वल्र्ड यूथ स्किल डे ( World Youth Skill Day ) के मद्देनजर आइए डालते हैं जोधपुर में यूथ स्किल ( youth skill ) पर एक नजर :

     

     

     

जोधपुर. जोधपुराइट्स ( jodhpurites ) में जॉब ( jobs in india ), बिजनेस ( business ) और स्टार्टअप ( start up ) को लेकर गजब का क्रेज ( craze ) है। वल्र्ड यूथ स्किल डे ( World youth skill Day ) पर जोधपुर में यूथ की स्किल ( youth skill ) का जायजा लिया तो उत्साहजनक परिणाम सामने आए। जोधपुर के यूथ के लिए स्टार्टअप, बिजनेस और जॉब का विकल्प बन गया है। आइटी व सोशल मीडिया में स्टार्टअप को लेकर गजब का क्रेज है। अब इन्हें ऐसे प्लेटफार्म भी उपलब्ध होने लगे हैं जो जोधपुराइट्स की सोच भी बदल रहे हैं।

कॉलेजाइट्स जॉब तलाश कर रहे

अधिकतर कॉलेजाइट्स कॉलेज की स्टडी पूरी करने के बाद जॉब तलाश कर रहे हैं। अगर किसी के पास बिजनेस आइडिया भी है तो वह अपने फैमिली बैकग्राउंड से उसे पूरा करने में जुट गया है, लेकिन जोधपुर शहर में पिछले दो-तीन बरसों के दौरान यूथ के लिए मेट्रो सिटी की तर्ज पर स्टाट-अप एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। बेंगलूरु-मुम्बई, पुणे-गुडग़ांव जैसे स्टार्ट-अप एनवायर्नमेंट फ्रेंडली सिटी में तो यूथ इसे हाथों-हाथ लेते हैं, जबकि अब जोधपुर जैसे सांस्कृतिक और परम्पराओं को निभाने वाले शहर में यूथ लीक से हट कर स्टार्ट-अप खूब अपना रहे हैं। अब इन्हें ऐसे प्लेटफार्म भी मिलने लगे हैं जो जोधपुराइट्स की सोच भी बदल रहे हैं।

मारवाड़ी दिमाग स्टार्टअप में बेहतर

स्टार्टअप को नजदीक से जानने वाले एन्टरप्रेन्योर व मारवाड़ी कैटेलिस्ट के संस्थापक सुशील शर्मा ने बताया कि मारवाड़ी दिमाग स्टार्ट-अप में बेहतर है। यहां के लोगों में रिस्क टेकिंग हैबिट भी है। साथ ही ऐसे सफल उद्यमी भी हैं, जो स्टार्ट-अप में इनवेस्ट करना चाहते हैं। इसीलिए मारवाड़ी कैटेलिस्ट नाम से एक प्लेटफार्म यूथ के लिए शुरू किया गया है, जिसमें ऑनलाइन कनेक्ट के साथ व्यक्तिगत सम्पर्क कर यूथ अपने स्टार्ट-अप आइडिया शेयर करते हैं। इनके लिए इनवेस्टर्स भी ढूंढे जाते हैं। अब कई लोग इस प्लेटफार्म के जरिये अपना आइडिया शेयर कर चुके हैं।

स्टार्ट-अप के प्रति अटै्रक्शन

यों भी इनोवेशन और न्यू जनरेशन माइंड सेट के जरिए ही स्टार्ट-अप के प्रति लोगों का क्रेज बढ़ रहा है। युवाओं को अब परम्परागत व्यापार के साधन अपनाने के बजाय स्टार्ट-अप में काफी इंट्रेस्ट है। इससे को-वर्किंग स्पेस का कल्चर भी डवलप हुआ है। जोधपुर में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां एक साथ अलग-अलग विचारधाओं के लोग वर्क-स्पेस शेयर करते हैं। यह जोधपुर के यूथ की बदलती सोच का ही परिणाम है।


स्टार्ट-अप में इनवेस्टमेंट आसान
अन्य व्यापार की अपेक्षा स्टार्ट-अप को इनवेस्टमेंट जल्द मिलता है। दूसरे व्यापार में पैसा लगाने वाले ऋण देकर ब्याज वसूल करेंगे, चाहे वह बैंकिंग सेक्टर हो या कोई निजी व्यक्ति। जबकि स्टार्ट-अप में इनवेस्टमेंट करने वाले का प्रॉफिट शेयर तय कर दिया जाता है। ऐसे में पूंजी लगाने वाले लोग बड़ी आसानी से इसे स्वीकर कर लेते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग बड़ा टूल
शहर में होने वाले इन स्टार्ट-अप का मार्केटिंग टूल डिजिटल मीडिया है। इसका बड़ी संख्या में लोग उपयोग कर रहे हैं। जोधपुर के रीको साइबर पार्क में ऐसे कई एन्टरप्रेन्योर हैं, जो डिजिटल मीडिया मार्केटिंग में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसी प्लेटफार्म के कारण देश के अलग-अलग कोने से इनवेस्टर्स भी जोधपुर के स्टार्ट-अप में इनवेस्ट कर रहे हैं।

इन केस से जानिए

केस - 1

स्टार्ट-अप से जुड़े युवा देवेश राखेचा ने बताया कि यूथ को आगे लाने के लिए इयरबुक कैनवास कॉन्सेप्ट शुरू किया गया। आइआइटी और आइआइएम के कई यूथ ने अपनी बात इस तरीके से ऑनलाइन एक्सप्रेस करना शुरू की, यह जोधपुराइटस ने ही शुरू किया था। राखेचा बताते हैं कि यह देश में अपनी तरह की पहली ऑनलाइन इयरबुक थी, बाद में इसे प्रिंट भी करवाया गया।
केस - 2
ऐसे ही एक स्टार्टअप से जुड़े अतुल मेहता ने बताया कि कपड़ा रिसाइक्लिंग की बात भी दिमाग में आई और पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में काम शुरू किया। पुरानी जींस के कपड़ों से स्कूल किट तैयार कर सरकारी स्कूलों में नि: शुल्क बांटे। अब लोगों से पैसा जुटा कर बड़े स्तर पर सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए यह तैयार कर रहे हैं। सीएसआर फंड भी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

केस - 3
रिचा शर्मा ने भी एक ऐसा ही स्टार्टअप रेस्टोरेंट शुरू किया है, जहां खाने-पीने के साथ ही लोगों के लिए नॉलेज बढ़ाने का प्लेटफार्म दिया गया। यहां कई प्रोफेशनल लोग एक-दूसरे के साथ विचार साझा करते हैं। इंट्रेक्शन के लिए देर रात तक लोगों में उत्साह देखा गया। मेट्रो शहरों की तर्ज पर जोधपुर में यह पसंद किया जाने लगा तो अब मारवाड़ के अन्य शहरों में भी यह कॉन्सेप्ट पहुंचेगा।

 

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Jul, 14 2019 04:01 PM IST

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