तुक्के पे तुक्का नाटक का मंचन: जनता रोटी मांगे तो कहो, पुलाव खाओ, बिरयानी खाओ

जोधपुर. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी व पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर की साझा मेजबानी में आयोजित तीन दिवसीय नाट्य समारोह के दूसरे रोज मंगलवार की शाम जयनारायण व्यास स्मृति भवन टाउन हॉल में भोपाल की रंग विदूषक संस्था के कलाकारों ने नाटक सीढ़ी दर सीढ़ी उर्फ तुक्के पर तुक्का का मंचन किया। इस रोचक और मनोरंजक नाटक में जहां वर्तमान व्यवस्था पर व्यंग्य बाणों से निशाना साधा गया, वहीं विदूषक शैली में गीत-संगीत के साथ उछलकूद नुमा प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन भी किया गया।

निर्देशन बंसी कौल ने किया

ल्यू बोरोई की चीनी लोककथाओं से लिए गए थ्री प्रमोशन्स इन सक्सेशन के कथानक की नाट्य रचना राजेश जोशी ने की। निर्देशन व आकल्पन बंसी कौल ने किया। वहीं नाटक का संगीत डॉ अंजनापुरी ने तैयार किया। कथानक के अनुसार रईस जागीरदार का आवारा बेटा तुक्कू, ज्योतिषियों के चढ़ाने पर अपनी किस्मत आजमाने राजधानी की ओर से चल पड़ता है, जहां उसकी मुलाकात भेस बदल कर शहर की गश्त पर निकले नवाब से होती है। वह अपने हाजिर जवाबी की आड़ में मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधता हुआ नजर आता है और अपनी हाजिर जवाबी से नवाब को प्रभावित कर उसके राज में अफसर बन जाता है, फिर घटनाक्रम बदलता है और अनपढ़, आवारा नायक सल्तनत का नवाब बन जाता है।

उपस्थिति दर्शाई
आवारा तुक्कू के रूप में उदय शहाणे, नवाब खामख्वाह के रूप में हर्ष दौंण्ड और मसखरे के रूप में संजय श्रीवास्तव ने अदाकारी की। वैसे तो नाटक में सभी पात्र विदूषक के रूप में ही अवतरित हुए थे, लेकिन इनके पात्र बने अदाकारों में अर्पित पांडे, विमलेश पटेल, सर्वेश विश्वकर्मा व सुशीलकांत मिश्रा प्रमुख थे। ज्योतिषी बने नितिन पांडे व चेले विमलेश पटेल, अम्मी अब्बा अंजनापुरी व अर्पित पांडे के अलावा अभिषेक तिवारी, अम्बर गुप्ता, दुर्गेंद्रसिंह, नितिन पांडे, राम बाबू लिंडोरिया, फरीद बज्मी, संगति सेजवार, संजय श्रीवास्तव, सर्वेश विश्वकर्मा, सनी यादव, सुशीलकांत मिश्रा और उदय शहाणे आदि ने भी उपस्थिति दर्शाई। शुरू में अकादमी सचिव महेश पंवार ने नाटक के कलाकारों का सम्मान किया।

 

 

 

Web Title "Tukka Pe Puka Drama staged in jodhpur"

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