क़ौन करे घायल हिरणों का उपचार!

By: Manish Panwar

Updated On:
13 Aug 2019, 12:07:15 AM IST

  • बाप. आऊ स्थित वन विभाग की चौकी में कार्यरत कर्मचारी अधिकांश नदारद मिलते है। घायल हिरणों को उपचार के लिए लाने वाले वन्यजीव प्रेमियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बाप. आऊ स्थित वन विभाग की चौकी में कार्यरत कर्मचारी अधिकांश नदारद मिलते है। इस कारण घायल हिरणों को उपचार के लिए लाने वाले वन्यजीव प्रेमियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को बाप ब्लॉक के रोहिणा गांव में आबादी क्षेत्र में हिरण को आवारा श्वानों ने घायल कर दिया। घायल हिरण को लेकर अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण सोढ़ा सहित वन्यजीव प्रेमी आऊ स्थित वन विभाग की चौकी पहुंचे। वहां चौकी प्रभारी प्रेम कुमार सहित कर्मचारी नदारद थे। वन्यजीव प्रेमियों ने इसकी शिकायत फलोदी रेंज वन अधिकारी को की तो उन्होंने संतोषजनक जबाब नहीं दिया।

दो घण्टे बाद पहुंचा एक कार्मिक, नहीं है मेडिकल किट की व्यवस्था : वन्यजीव प्रेमी ११ बजे घायल हिरण को लेकर आऊ रेस्क्यू सेन्टर पहुंचे। दो घण्टे बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गोपालदान पहुंचे। चौकी में मेडिकल किट तक की सुविधा नहीं थी। आपातकालीन चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी।
पशु चिकित्सालय में भी पद रिक्त : राजकीय पशु चिकित्सालय आऊ में पशु चिकित्सक सहित कंपाउडर का पद रिक्त है। ऐसे में यदि रेस्क्यू सेन्टर में भी सुविधाएं नहीं है तो फिर घायल हिरणों का उपचार कैसे होगा।

इन्होंने कहा
आऊ वन चौकी के अलावा बरजासर व भिंयासर वन क्षेत्र का भी कार्यभार उनके पास है। रविवार को उसी क्षेत्र में गया था। हमारा प्रयास रहता है कि उपलब्ध स्टाफ व संसाधनों से बेहतर से बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जाए।

प्रेमकुमार, प्रभारी, आऊ वन विभाग चौकी।

Updated On:
13 Aug 2019, 12:07:15 AM IST

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