राजस्थान को 19 साल बाद मिला एनएलयू जोधपुर में दाखिला

By: Gajendrasingh Dahiya

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Published: 06 Mar 2018, 09:45 PM IST

Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर . प्रदेश के छात्र-छात्राओं को आखिर 19 साल बाद जाकर इस साल जोधपुर स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू)में 25 फीसदी सीटों पर जगह मिल ही गई। नए शैक्षणिक सत्र से एनएलयू जोधपुर में पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम की कुल 115 सीटों में से 21 सीटों पर राजस्थानी मूल के लोगों को प्रवेश मिलने की उम्मीद है। देशभर के एनएलयू में प्रवेश के लिए आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट)के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है। पूरे देश में 21 एनएलयू है। जोधपुर एनएनयू की स्थापना 1999 में की गई थी। इसमें पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम बीए एलएलबी और बीएससी एलएलबी संचालित होता है। राजस्थान सरकार ने अब तक एनएलयू जोधपुर में प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए आरक्षण नहीं किया था। इसके उलट एनएलयू भोपाल, एनएलयू रायपुर और एनएलयू गांधीनगर जैसे लॉ स्कूलों में तो स्थापना के साथ ही संबंधित राज्यों के छात्रों को आरक्षण दे दिया गया था। एनएलयू कोलकाता, एनएलयू दिल्ली और एनएलयू कटक को छोडक़र तकरीबन सभी लॉ स्कूल्स में संबंधित राज्यों के छात्र-छात्राओं के लिए सीटें आरक्षित है। राजस्थान सरकार ने अब 19 साल बाद जाकर प्रदेश के विद्यार्थियों को यह तोहफा दिया है। एनएलयू जोधपुर में पांच वर्षीय स्नातक स्तरीय विधि पाठ्यक्रम के अलावा एलएलएम, मास्टर ऑफ बिजनेस लॉ, एमबीए और पीएचडी भी करवाई जाती है। सबसे महंगी परीक्षा इस बार क्लेट परीक्षा का आयोजन एलएलयू कोच्चि की ओर से किया जा रहा है। परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है। परीक्षा देश के विभिन्न शहरों में 13 मई को दोपहर 3 बजे से शाम पांच बजे तक होगी। परीक्षा में बैठने की योग्यता 12वीं पास है। यह देश की सबसे महंगी परीक्षाओं में से है। क्लेट के आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को 4 हजार रुपए की फीस जमा करवानी पड़ती है। दिल्ली विधि विवि अलग से ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट लेता है जिसकी फीस 3500 रुपए है यानी जो छात्र विधि विवि के पंचवर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना का इच्छुक होता है, उसे दोनों ही परीक्षा में 7500 रुपए खर्च करके आवेदन करना पड़ता हैं। इतना बड़ा शुल्क संभवत: देश के किसी अन्य परीक्षा में नहीं लिया जाता है। ‘हर साल क्लैट में एक समान नंबर लाने के बावजूद कुछ विद्यार्थी एनएलयूए जोधपुर में चयनित होते हैं वही उसी स्कोर के कुछ विद्यार्थी दूसरे कॉलेज में स्थान पाते हैं। अब सरकार द्वारा किए गए 25 प्रतिशत आरक्षण से 25 प्रतिशत राज्य के विद्यार्थीयों की भागीदारी सुनिश्चित हो जाएगी। इसके लिए हमनें विद्यार्थियों के नेतृत्व में आंदोलन भी चलाया था तो सफल रहा। प्रदेश के विधि के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वाले छात्रों के लिए यह एेतिहासिक निर्णय है। ’सागर जोशी, एनएलयू व क्लेट परीक्षा विशेषज्ञ

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