आरोपियों को भगाने में ज्वेलर ने की थी आर्थिक मदद

By: Vikas Choudhary

Updated On:
25 Aug 2019, 12:43:45 AM IST

 
  • - हिट एण्ड रन के बाद मर्डर का मामला
    - हत्या के प्रमुख आरोपी गिरफ्त से दूर

जोधपुर.
प्रतापनगर रोड पर दो मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मारने के बाद ५वीं रोड ईदगाह के पास चाकू घोंपकर एक युवक की हत्या कर फरार प्रमुख आरोपी अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं। इनको भगाने में एक ज्वेलर ने आर्थिक मदद की थी। पुलिस उसके अलावा अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रीति चन्द्रा के अनुसार गत बुधवार रात दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मारने के बाद एसयूवी में भाग रहे प्रकरण में आदिल, आकिब, सिकन्दर, इरफान, फराज व ७-८ अन्य बदमाशों को जोरावरसिंह व अन्य ने पीछा कर ५वीं रोड के पास पकड़ा था। दोनों पक्षों में झगड़े के दौरान एक व्यक्ति ने जोरावर के जांघ में चाकू मारे थे। समय पर इलाज न मिलने और खून अधिक बहने से उसकी मृत्यु हो गई थी।
हत्या के बाद आरोपियों ने कुछ लोगों को फोन कर भागने के लिए मदद मांगी थी। इनमें शामिल एक ज्वेलर ने उन्हें आर्थिक मदद की थी। इसके बाद सभी आरोपी शहर और फिर राज्य से भाग निकले थे। पुलिस ने ज्वेलर से पूछताछ कर रही है।

एसयूवी उपलब्ध कराने वाला रिमाण्ड पर
आरोपियों को एसयूवी मुहैया कराने व अन्य मदद करने के आरोप में गिरफ्तार मोहसिन बिन मोहम्मद उर्फ मोहसिन खान को पुलिस ने कोर्ट में पेश दो दिन का रिमाण्ड लिया है। जांच में सामने आया कि जोरावरसिंह को चाकू मारने के तुरंत बाद ही मोहसिन मौके पर पहुंचा और आरोपियों से अपनी एसयूवी लेकर निकल गया और एसयूवी अपने बाड़े में छुपा दी थी। पुलिस का मानना है कि वह आरोपियों की मदद के लिए मौके पर गया था। उसे हत्या और आरोपियों के फरार होने की जानकारी थी, लेकिन उसने पुलिस को नहीं बताई थी।

आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश
प्रकरण में प्रमुख आरोपी आदिल व अन्य पकड़ से दूर हैं। सुराग के आधार पर पुलिस की टीमें उन्हें गुजरात में तलाश रही हैं। पुलिस ने एक-दो जगह दबिश दी, लेकिन आरोपी पहले ही गायब हो गए।

साथी छोड़ भागे तो घायल खुद ऑटो तक पहुंचा
पुलिस का कहना है कि दो बाइक को टक्कर मार भाग रही एसयूवी का पीछा करने में जोरावर के साथ कुछ अन्य युवक भी शामिल थे। झगड़े के बाद जोरावरसिंह पर चाकू से हमले होने लगे तो साथी उसे छोड़ भाग निकले। उन्होंने न तो पुलिस को सूचना दी और न घायल को अस्पताल पहुंचाना उचित समझा था। खून गिरने व गंभीर घायल होने के बावजूद जोरावरसिंह आरोपियों के सामने खुद चलकर ऑटो रिक्शा तक पहुंचा था। ऑटो चालक ने उसे महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी मृत्यु हो गई थी।

Updated On:
25 Aug 2019, 12:43:45 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।