जनसंख्या के अनुपात में सुविधाएं बौनी

By: Ranveer Choudhary

Updated On: Jul, 11 2019 09:57 AM IST

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    जनसंख्या दिवस विशेष

    - औपचारिकता में उलझा जागरूकता का नगाड़ा


जोधपुर.

जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 1921 में जोधपुर शहर की आबादी 73,500 थी, जो 2011 तक दस लाख पार चली गई। वर्तमान में हम 17 लाख तक पहुंच गए हैं। लेकिन अफसोस कि इसके अनुपात में सुविधाएं नहीं बढ़ी। ऐसा भी नहीं है कि सुविधाएं बिल्कुल नहीं बढ़ी है, लेकिन आबादी के अनुपात में नहीं बढ़ी। ऐसे में आए दिन परेशानियों से रू-ब-रू होना पड़ रहा है। 20 पदों के मुकाबले दो लाख आवेदन, टिकट खिडक़ी पर लम्बी लाइनें, बदहाल ट्रेफिक व्यवस्था...बढ़ती आबादी के ही कुछ दंश हैं। हालांकि जागरूकता का नगाड़ा हर साल बजता है, रैली-संगोष्ठी से जनसंख्या नियंत्रण का संदेश भी दिया जाता है लेकिन औपचारिकता से ज्यादा बात नहीं बढ़ती।

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आइए जानते हैं बढ़ती आबादी में कहां कम हैं संसाधन

- स्वास्थ्य
3000 लोगों पर महज एक डॉक्टर

36 लाख जनसंख्या वाले जोधपुर जिले में महज 1200 डॉक्टर हैं। यानी 3000 हजार लोगों को देखने के लिए एक डॉक्टर है। यहीकारण है कि लोगों को सामान्य बीमारी का इलाज कराने के लिए भी शहर में आना पड़ता है। लेकिन शहर में भी ऐसे ही हालात। 3800 बैड के तीन सरकारी अस्पताल हैं। जनसंख्या के अनुरूप यहां भी न तो डॉक्टर है, ना ही अस्पतालों में बैड। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को डॉक्टर परामर्श लेने और दवाई लेने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता हैं। उल्लेखनीय हैं कि एमडीएम जैसे अस्पताल में सप्ताह में एक दिन के आउटडोर में 4 हजार से अधिक मरीज आते हैं।
- शिक्षा

10 साल से नहीं बढ़ी सीटें, एसएफएस से चला रहे काम
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में पिछले करीब एक दशक से अधिक समय में बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी पाठ्यक्रम की सामान्य सीटें नहीं बढ़ी हैं। विवि ने बढ़े हुए छात्र छात्राओं के लिए स्ववित्त पोषित आधार पर नए सेक्शन शुरू किए हैं। उधर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में भी दस साल पहले 250 सीटें बढ़ी थी। अब इसमें भी वृद्धि की जरूरत है।

- बिजली
बिजली सिस्टम 40 वर्ष पुराना

बिजली सिस्टम 40 साल पुराना है। बिजली लाइनों पर लगातार भार बढ़ रहा है। लेकिन भीतरी शहर का सिस्टम अभी तक पुरानी लाइनों पर ही टिका हुआ है। 30 करोड़ की लागत से पुरानी लाइनों को बदलने की मांग है।
- पेयजल

पानी भी पूरा नहीं मिल रहा
जोधपुर जिले में 36 लाख लोगों के लिए 350 क्यूसेक पानी की जरूरत हैं। लेकिन वर्तमान में महज 270 क्यूसेक पानी मिलने के कारण लोग पानी की समस्यां से जूझ रहे हैं। कई गांवों में पीने के पर्याप्त पानी नहीं हैं। वे आस-पास के गांवों के टेंकरों पर निर्भर है। पिछले एक दशक में पानी की मात्रा लगातार बढऩे की मांग की जा रही है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। जोधपुर शहर की पेयजल लाइन भी करीब 20 साल पुरानी है। जिसको अपग्रेड करने की जरूरत है।

- कानून
कानून व्यवस्था संभालने वाले जनसंख्या के अनुपात में नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सात पद रिक्त हैं तो पुलिस निरीक्षक के 19, उप निरीक्षक के 84 पद रिक्त, एएसआई के 145, हेड कांस्टेबल के 154 पद रिक्त और कांस्टेबल के 29 पद रिक्त हैं।

जोधपुर जिले की जनसंख्या

क्षेत्र ..............कुल जनसंख्या.....पुरुष............महिला

शहर में .........10,33756 ......543120........490636

जिला ............3687165........1923928.....1763237
ग्रामीण...........2422551........1260328....1162223

अरबन............1264614........663600.......601014

साक्षर............ 2031532.......1265753....765779

6 वर्ष के बच्चें.......606490.........320731......285759
मजदूर ............1489741......965103.......524638

किसान ...........592370.........319170.....273200

वर्ष 2001 की जनसंख्या की गणना में 27.59 प्रतिशत व 2011 की गणना में 27.74 प्रतिशत से जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हुई।(जनसंख्या के आंकड़े वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार है)

Published On:
Jul, 11 2019 02:02 AM IST

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