बजरी डंपर संचालन के बदले रिश्वत व बंधी मामले में बासनी का तत्कालीन थानाधिकारी बोथरा निलम्बित

By: Harshwardhan Singh Bhati

Published On:
Jul, 11 2019 12:46 PM IST

  • बजरी डम्पर संचालक से बीस हजार रुपए रिश्वत प्रकरण में घिरे बासनी थाने के तत्कालीन थानाधिकारी संजय बोथरा को निलम्बित कर दिया गया है। जबकि हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद निलम्बित हेड कांस्टेबल तेजाराम मेघवाल ने बुधवार को एसीबी मामलात की अदालत में समर्पण कर दिया।

जोधपुर. बजरी डम्पर संचालक से बीस हजार रुपए रिश्वत प्रकरण में घिरे बासनी थाने के तत्कालीन थानाधिकारी संजय बोथरा को निलम्बित कर दिया गया है। जबकि हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद निलम्बित हेड कांस्टेबल तेजाराम मेघवाल ने बुधवार को एसीबी मामलात की अदालत में समर्पण कर दिया। न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के बाद उसे पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है।

अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट न्यायाधीश ने निलम्बित हेड कांस्टेबल की गिरफ्तारी न होने पर फटकार लगाते हुए उसे जल्द गिरफ्तार करने को कहा था। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर निलम्बित हेड कांस्टेबल तेजाराम मेघवाल ने बुधवार सुबह एसीबी मामलात की अदालत में समर्पण कर दिया। मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। अनुसंधान के लिए एसीबी के आवेदन को कोर्ट द्वारा स्वीकार करने पर उसे जोधपुर सेन्ट्रल जेल से गिरफ्तार कर लिया गया।

मामले की जांच अजमेर एसीबी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रप्रकाश शर्मा कर रहे हैं, लेकिन उनके जोधपुर न होने के कारण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत ने निलम्बित हेड कांस्टेबल से पूछताछ शुरू की। उसे गुरुवार को दुबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। दो महीने तक फरार के बाद गिरफ्त में आए निलम्बित हेड कांस्टेबल से रिश्वत के साथ बजरी परिवहन में मासिक बंधी के बारे में पूछताछ की जाएगी।

वांछित की सूचना पर पीएल निरस्त कर निलम्बित किया

पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय व यातायात) डॉ. रवि के अनुसार गत 17 जून को 20 दिन पीएल बढ़ाने के सीआइ के आवेदन को स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन एसीबी ने पुलिस कमिश्नर को सूचित किया कि सीआइ बोथरा प्रकरण में एसीबी का वांछित है। इसके बाद पीएल निरस्त कर दी गई। ड्यूटी पर उपस्थित न होने के कारण उन्हें निलम्बित करने का आदेश जारी किया गया।


यह है मामला

दस मई को बजरी डम्पर मालिक से बीस हजार रुपए की रिश्वत लेते एसीबी ने राज्य के मॉडल पुलिस स्टेशन बासनी के उप निरीक्षक गजेन्द्रसिंह को गिरफ्तार किया था। रिश्वत मांगने के सत्यापन में हेड कांस्टेबल तेजाराम मेघवाल और तत्कालीन थानाधिकारी संजय बोथरा की भूमिका भी सामने आई थी। तब दोनों गायब हो गए थे। छह दिन बाद सीआइ बोथरा ने लाइन में आमद कराई थी, लेकिन हेड कांस्टेबल लगातार गायब रहा।

एसीबी कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण उसे निलम्बित कर दिया गया था। उधर, आमद कराने के दूसरे ही दिन 17 मई को सीआइ बोथरा पीएल लेकर अवकाश पर चले गए थे। जो अभी तक भूमिगत है। एसीबी ने उसके व पत्नी के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का मामला भी दर्ज किया था।

दूसरे रिकॉल नोटिस के बावजूद नहीं हुआ था हाजिर
आय से अधिक सम्पत्ति संबंधी एफआइआर की प्रति एसीबी ने पुलिस कमिश्नर के पास भेजी थी। बोथरा को दूसरा रिकॉल नोटिस जारी किया गया। सात दिन में हाजिर होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वो पेश नहीं हुए। तब निलंबन आदेश जारी किया गया।

Published On:
Jul, 11 2019 12:46 PM IST

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