सैनिक स्कूल अब लेगा आकार

By: Shankar Sharma

Updated On:
12 Aug 2015, 12:52:00 AM IST

  •  देश की सरहद की रक्षा के लिए सर्वाधिक सैनिक देने वाले झुंझुनूं अंचल में सैनिक स्कूल का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। घोषणा
झुंझुनूं। देश की सरहद की रक्षा के लिए सर्वाधिक सैनिक देने वाले झुंझुनूं अंचल में सैनिक स्कूल का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। घोषणा के बाद कई सालों के बाद अब कुछेक महीनों में स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पिछले कुछ महीनों से केंद्र व राज्य सरकार की नजर दोरासर गांव में बनने वाले सैनिक स्कूल पर है और लगातार उच्चाधिकारी इसका मौका मुआयना कर रहे हैं।


मंगलवार को स्कूल भवन निर्माण करने वाले कांट्रेक्टर के इंजीनियर्स ने स्कूल के चिह्नित 30 हैक्टेयर भूमि का लेवल लेने का काम शुरू किया। पहले दिन दोरासर बस स्टैंड से लेकर चिह्नित जगह तक बनने वाली सात मीटर चौड़ी सड़क के लिए लेवल लेने का काम किया गया।

बुधवार को भी यह काम जारी रहेगा। इससे पहले सोमवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग जयपुर की मैनेजिंग डॉयरेक्टर अंजू शर्मा, चीफ इंजीनियर मुखेजा, कुचामन के एक्सईएन अनिलकुमार व सीकर के दीनदयाल ने भवन निर्माण के लिए दौरा किया था। शुक्रवार को सैनिक कल्याण विभाग जयपुर के निदेशक बिग्रेडियर एसके शर्मा ने भूमि का मौका मुआयना किया था। इससे पहले सैनिक स्कूल सोसायटी, रक्षा मंत्रालय नई दिल्ली व चितौड़गढ़ सैनिक स्कूल के अधिकारी दौरा कर चुके हैं।

पहले चरण में 60 करोड़ होंगे खर्च
सैनिक स्कूल के भवन निर्माण के पहले चरण में 60 करोड़ रूपए खर्च होंगे। सार्वजनिक निर्माण विभाग की एमडी अंजू शर्मा ने दौरे में बताया था कि पहले चरण में सात मीटर चौड़ी सड़क व मैस का निर्माण किया जाएगा। जिला सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक बिग्रेडियर एसके शर्मा ने दौरे में भवन निर्माण का काम दो महीने बाद शुरू होने की बात कही थी।

सैनिक स्कूल के लिए कब-क्या
तत्कालीन कलक्टर जोगाराम ने चार दिसम्बर 2012 को मलसीसर व दोरासर गांव में स्कूल के लिए प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कार्यकाल के दौरान जयपुर में 13 दिसम्बर 2012 को सैनिक स्कूल की घोषणा की।
उस समय भवन निर्माण पर करीब 50 करोड़ की लागत तय की गई।
स्कूल में प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, खेल मैदान, छात्रावास, स्वीमिंग पुल व अन्य भवन बनाने तय हुए।
पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार बदली और मामला अधरझूल में लटक गया
वसुंधरा राजे की सरकार बनी और राज्य बजट में दोरासर में चिह्नित जमीन को मंजूरी दी गई।
जमीन को मंजूरी देने के बाद से अब तक दोरासर गांव में केंद्र व राज्य सरकार की टीमों का लगातार दौरा कर रही है।
कुछ महीने पहले सैनिक स्कूल सोसायटी, रक्षा मंत्रालय नईदिल्ली व चितौड़गढ़ सैनिक स्कूल की टीम ने दौरा किया
सैनिक स्कूल के वैकल्पिक संचालन के लिए जिला मुख्यालय स्थित डाइट में खाली पड़े भवन का निरीक्षण भी किया था।
अब भवन निर्माण को लेकर गतिविधियां शुरू हो गई है।

भवन का नक्शा तैयार, निर्माण का इंतजार
सैनिक स्कूल भवन का निर्माण शुरू करने के लिए नक्शे को अंतिम रूप दिया जा चुका है। निरीक्षण अधिकारियों ने करीब दो महीने बाद निर्माण कार्य शुरू करने की मंशा जताई है। इसके तहत प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, खेल मैदान, छात्रावास, स्वीमिंग पुल व अन्य भवन बनाया जाएगा।

Updated On:
12 Aug 2015, 12:52:00 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।