आदेश की प्रतिक्षा में पुस्तकालय

By: harisingh gurjar

Updated On:
20 Sep 2019, 11:19:46 AM IST

 
  • -ओदश जारी हुए लंबा समय हो गया, नहीं खुले धरातल पर

    - भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के नियत्रंण में है संचालित हो रहे पुस्तकालय


हरिसिंह गुर्जर
झालावाड़.सरकार ने आमजन का ज्ञानवद्र्धन करने के लिए पंचायत समिति स्तर पर पुस्तकालय खोलने का फैसला किया था, लेकिन इनमें से कई अब भी कागजों में संचालित हो रहे हैं। सरकार ने झालावाड़ जिले में आठ पुस्तकालय खोलने की घोषणा की थी, लेकिन इनमें से पांच तो स्कूलों के साथ संचालित किए जा रहे हैं। शेष तीन के अभी तक भवन का पता नहीं है। ऐसे में कागजों में तो पुस्तकालय खोल दिए है, लेकिन धरातल पर आमजन व विद्यार्थियों को पुस्तकालय में ज्ञानवद्र्धन की सुविधा नहीं मिल पा रही हे।
पूरे प्रदेश की बात करें तो प्रदेश में 295 पंचायत समितियां है, जिनमें से 47 में भाषा एवं पुस्तकालय विभाग पुस्तकालय चला रहा है।
हालांकि इनमें से कई के तो नियमित ताले तक नहीं खुलते हैं। तो कई में बारिश का पानी टपक रहा है, स्थिति ऐसी है कि इनमें छात्र व आमजन बैठ नहीं सकते हैं। प्रदेश में 210 पंचायत समिति मु?यालयों पर भवन तो बने हुए है,लेकिन वहां पर पुस्तकालयों का संचालन भगवान भरोसे है। शेष 72 स्थानों पर भवन ही उपलब्ध नहीं है। इसके विपरित भाषा एवं पुस्तकालय विभाग का कहना है कि 210 पंचायत समिति मु?यालयों पर पुस्तकालय संचालित है, जबकि 72 पर इसके लिए भवन ही उपलब्ध नहीं है।

आमजन अनभिज्ञ-
जिले में खानपुर, मनोहरथाना, डग, बकानी, पिड़ावा, भवानीमंडी के पंचायत समिति मु?यालयों में यहां स्कूल के साथ भाषा एवं पुस्तकालय विभाग इन्हें चला रहा हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को तो इसकी जानकारी तक नहीं है।

12.50 लाख का बजट आ चुका है, लेकिन नहीं हो रहे आदेश-
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्याल भवानीमंडी में पुस्तकालय के लिए12.50 लाख रुपए का बजट आ चुका है। लेकिन यहां संस्थाप्रधान के पास कोई आदेश नहीं होने से वह टैंडर में केाई परेशानी नहीं हो जाए, इसके चलते भवन बनाने के आदेश नहीं दे रहा है। यहां बजट भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर राजाराम मोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान कलकत्ता से भवन निर्माण के लिए प्रथम किश्त 12.50 लाख रुपए स्कूल के खाते में डाले जा चुके हैं। लेकिन संस्थाप्रधान शिक्षा विभाग के है, भवन दूसरे विभाग द्वारा बनना है, ऐसे में उच्चाधिकारियों के कोई आदेश नहीं होने से बजट स्वीकृति जारी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यहां लाखों रुपए बजट होने के बाद भी पुस्तकालय किराए के भवन में चलाया जा रहा है। लेकिन टैंडर प्रक्रिया नहीं हो पा रहा है। इससे बच्चों को व आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यहां प्रस्तावित लेकिन अभी तक नहीं बने-
जिले में झालरापाटन व अकलेरा पंचायत समिति मु?यलायों पर भी पुस्तकालय खोलने के प्रस्ताव लंबे समय से प्रक्रियाधीन है। लेकिन यह भी अभी तक धरातल पर अमलीजामा नहीं पहन पाए है।

कहीं भी नहीं है स्टाफ-
जिले में छह स्थानों पर स्कूलों में पुस्तकालय खोल रखे लेकिन दो को छोड़कर कहीं भी पुस्तकालय अध्यक्ष नहीं है। ऐसे में स्कूल के ही किसी शिक्षक को इनकी जि?मेदारी दे रखी है। ऐसे में ज्यादातर समय तो इनके ताले भी नहीं खुलते हैं। शिक्षक को अपने मूल विषय पढ़ाने से ही फुर्सत नहीं मिलते है,ऐसे में पुस्तकालय को वह समय नहीं दे पाते हैं।

ऐसे मिले हालत-
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पिड़ावा में भाषा एवं पुस्तकालय विभाग का पुस्तकालय चलता है, लेकिन यहां भवन बारिश में टपक रहा है, पुस्तकें व आलमारियां खराब नहीं हो जाएं इसके लिए पोलीथिन आदि डालकर बचाव किया जा रहा है। तो कक्ष भी बदहाल हो रहा है, खिड़कियां टूटी हुईहै। दिवारे खराब होने से छात्र बैठ नहीं पाते है। जिले में कमोबेश यही स्थिति है।

ऐसी है जिलेवार पुस्तकालय की स्थिति
जिला पुस्तकालय भवन नहीं
झालावाड़ 05 03
जयपुर 12 02
अजमेर 07 02
बीकानेर 05 01
कोटा 04 00
जोधपुर 09 06
उदयपुर 09 06
भरतपुर 08 01
राजसमंद 06 01
टोंक 05 01
श्रीगंगागनर 07 02
झुंझुनू 05 03
अलवर 12 02
दौसा 05 01
सीकर 07 02
बारां 07 00
सवाईमाधोपुर 05 00
भीलवाड़ा 11 01
चूरू 04 03
हनुमानगढ़ 03 03
धौलपुर 02 03
बंूदी 04 00
नागौर 10 04
बाड़मेर 08 08
जैसलमेर 02 01
जालौर 07 01
पाली 09 01
सिरोही 05 00
बांसवाड़ा 07 03
चितौडगढ़़ 10 03
डूंगरपुर 06 04
करौली 05 00
प्रतापगढ़ 04 00
कुल 210

बजट आ चुका है-
अकलेरा व झालरापाटन में पुस्तकालय के लिए प्रस्ताव है। भवानीमंडी के लिए बजट आ चुका है। यहां टैंडन नहीं हुए है टैंडर होने के बाद काम शुरु किया जाएगा।


कैलाश चन्द राव, पुस्तकालध्याक्ष, हरिश्चन्द पुस्तकालय, भाषा एवं पुस्तकालय विभाग, झालावाड़

Updated On:
20 Sep 2019, 11:19:46 AM IST

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