पढ़ाई-लिखाई बाद में, पहले करो ये काम, फिर छात्र साइकिल व बाल्टी लेकर निकल जाते हैं 200 मीटर दूर...

By: Vasudev Yadav

Published On:
Jul, 16 2019 06:02 PM IST

  • Disorganization in school : बलौदा ब्लाक के गांव घुठिया के प्रायमरी स्कूल में अव्यवस्था का आलम है। यहां जो हैण्डपंप है वह भी खराब पड़ा हुआ है। कोई सफाई कर्मी भी नहीं है, इसलिए स्कूल आते ही बच्चे पहले क्लास की सफाई करते हैं, फिर...

जांजगीर-चांपा. बलौदा ब्लाक के ग्राम घुठिया के प्रायमरी स्कूल में अव्यवस्था का आलम (Disorganization in school) है। बच्चों के पहुंचते ही पढ़ाई-लिखाई तो दूर, पहले स्कूल प्रबंधन द्वारा क्लास की सफाई करवाई जाती है, इसके बाद 200 मीटर दूर से पानी कैसे लाना है का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं मासूम छात्र शिक्षकों के डर से विद्यालय की भी साफ सफाई भी कर रहे हैं। स्कूली बच्चे 200 मीटर दूर साइकिल से बाल्टी में पानी लाने जाते हैं।

यह नजारा हर रोज घुठिया के प्रायमरी स्कूल में देखा जा सकता है। समस्याओं में बारे के ग्राम पंचायत के मुखिया से बात किया गया तो उनके द्वारा भी बताया गया विद्यालय के शिक्षकों द्वारा जो बच्चों से कार्य कराए जा रहे हैं वह गलत है। इस बारे में कई बार प्रधान पाठक को समझाइश दी चुकी है।

बावजूद प्रधान पाठक द्वारा बच्चों से काम करवाया जा रहा है। स्कूल परिसर में हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। उसे सुधरवाने किसी का ध्यान नहीं है। जिससे शिक्षकों ने बच्चों को घर से बॉटल में पानी लाने निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शिक्षकों के लिए बच्चे स्कूल आने के बाद बाल्टी से पानी लाते है। पोषाहार के बर्तन स्वयं धोने पड़ते हैं। सरकारी स्कूल में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं हैं। (Disorganization in school)

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शिक्षकों की भी मजबूरी
कोई भी सरकारी स्कूल में प्यून का पद ही नहीं है। अंशकालीन स्वीपर पद है। जो बाथरूम में पानी डालने के बाद उसका काम खत्म हो जाता है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि कम से कम अंशकालीन स्वीपर को ही पूर्णकालीन स्वीपर कर देना चाहिए। ताकी साफ.सफाई व अन्य काम कर सके। प्यून नहीं होने से बच्चों से काम कराने मजबूर होते हैं शिक्षक।

प्रधान पाठक का ये है कहना
इस संबंध में जब प्रधान पाठक कमला गोंड सेे बात की गई तो उनका कहना था कि बच्चे अगर साफ.सफाई कर पानी लाते हैं तो इसमें गलत क्या है। इससे कोई अपराध तो नहीं हो रहा है।

नाबालिकों से काम कराने पर है सजा का प्रावधान
नाबालिकों से होटल, ढाबा, दुकान या अन्य जगह में काम कराने पर बाल श्रम कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना या तीन महीने से लेकर साल भर तक कैद का प्रावधान है।

-बच्चों से काम कराना गलत है। अगर ऐसा है तो जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी- अर्जुन सिंह क्षत्री, एबीईओ, बलौदा

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Jul, 16 2019 06:02 PM IST

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