जम्मू-कश्मीर: आतंकियों के निशाने पर पुलिसकर्मियों के परिजन

By: Prateek Saini

Published On:
Aug, 31 2018 07:40 PM IST

  • 28 साल में यह पहला मौका है जब कश्मीर में आतंकी पुलिसकर्मियों के परिजनों को निशाना बना रहे हैं...

(श्रीनगर): जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पिछले 48 घंटे में पुलिसकर्मियों के नौ परिजनों को अगवा कर लिया। सभी मामले दक्षिण कश्मीर के हैं। आतंकियों ने पुलवामा जिले के त्राल में पुलिसकर्मियों दो बेटों तथा एक भाई को अगवा किया। इसके बाद अगवा किए गए लोगों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इस बीच पुलिस ने आतंकियों की तलाश तेज कर दी है।


गौरतलब है कि बुधवार को त्राल से एक पुलिसकर्मी के बेटे और गंदेरबल से एक पुलिस जवान के परिवार के सदस्य को अगवा किया गया था। अगले दिन भी यह सिलसिला जारी रहा। बताया जा रहा है कि गंदेरबल से अगवा एक व्यक्ति के साथ आतंकियों ने बुरी तरह से मारपीट भी की। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया। इसके बाद गुरुवार रात पुलिसकर्मियों के सात परिजन को शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग, त्राल और अवंतिपोरा से अगवा किया गया। इनमें एक डीएसपी का भाई भी शामिल है। यह सिलसिला बुधवार की रात से शुरू हुआ जब सेना और पुलिस ने आतंकी रियाज नायकू के पिता असदुल्ला नायकू समेत पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। असदुल्‍ला को रिहा कर दिया गया है।


अपहरण की घटनाओं के सामने आने के बाद अब पूरी घाटी में हाई अलर्ट कर दिया गया है। डीजीपी डॉ. एसपी वैद का कहना है कि छानबीन की जा रही है। बता दें कि घाटी में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से आतंकी बौखलाए हुए हैं। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर उनके साथ ज्यादती की गई, तो सुरक्षाबलों के परिवार भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। 28 साल में यह पहला मौका है जब कश्मीर में आतंकी पुलिसकर्मियों के परिजनों को निशाना बना रहे हैं।

 

 

महबूबा मुफ्ती ने दिया विवादित बयान

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने विवादित बयान दिया है। मुफ्ती ने कहा है कि आतंकी और सुरक्षा बल एक दूसरे के परिवारों को प्रताड़ित कर रहे हैं। महबूबा मुफ्ती की ओर से आए इस बयान से विवाद भड़कने की आशंका है। मुफ्ती ने आतंकियों और सुरक्षाबलों को एक ही कतार में रख कर तुलना कर दी है।

Published On:
Aug, 31 2018 07:40 PM IST