भागलभीम में साठ-गांठ की मरम्मत से जल रही मोटर

By: Jitesh kumar Rawal

Updated On:
12 Jun 2019, 11:56:16 AM IST

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गांव में पन्द्रह दिन से पेयजल संकट, हलक तर करने के लिए ग्रामीण दर-दर भटक रहे


भीनमाल. भागलभीम गांव में पेयजल संकट व्याप्त है। गांव में पिछले 15 दिन से एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है। जलदाय विभाग का बना जीएलआर सूखा पड़ा है। ऐसे में हलक तर करने के लिए ग्रामीण दर-दर भटक रहे हंै।
ग्रामीणों का कहना है कि जलदाय विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना हंै कि जलदाय विभाग के निम्बोड़ा स्थित ट्यूबवैल से गांव में आपूर्ति होती है।
इस जलस्रोत पर पिछले चार माह में पांच-छह बार मोटर जल गई।वायरिंग भी बार-बार फॉल्ट हो रही है। आरोप लगाया कि ठेकेदार की सांठगांठ से मरम्मत के नाम पर पुराने वायर व मोटर डाल कर विभाग से नए सामान का पैसा वसूल रहे हैं। ऐसे में विभाग के राजस्व को भारी चूना लगा रहे है। लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद भी 15-20 दिन तक गांवों में पानी नहीं आ रहा है।


दिनभर पानी की जुगाड़ में
भीषण गर्मी में 15-20 दिन से एक बूंद भी पानी नहीं आने से ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाएं तो दिनभर पानी की जुगाड़ में इधर-उधर भटकती रहती है। महिलाएं एक मटके पानी के लिए दो किलोमीटर का सफर तय करने को मजबूर है। इसके अलावा मवेशी पालकों के लिए भी पानी का प्रबंध करना बड़ी चुनौती बन गया है।


पानी का प्रबंध बना चुनौती
गर्मी के दौर में ग्रामीणों के पीने के पानी का प्रबंध करना बड़ी चुनौती बन गया है। इतना कुछ होने के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी शुरू होने के साथ ही गांव में पेयजल की आपूर्ति बिगड़ी हुई है। एक टैंकर पीने के पानी के दाम 700 रुपए चुकाने पड़ रहे है। कमजोर तबके के लिए मुश्किल हो रहा है। जेठाराम प्रजापत व हरचंद देवासी ने बताया किकई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।


नहीं आ रहा पानी...
भागलभीम गांव में 15 दिनों से एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है। गांव में पेयजल किल्लत है। गर्मी के मौसम में लोगों के लिए पेयजल का बंदोबस्त करना बड़ी चुनौती बन गया है। हर माह 15 दिन पंप खराब होने से आपूर्ति बंद रहती है, लेकिन विभाग ठेकेदार को पाबंद नहीं कर पा रहा है।
-हरचंद प्रजापत, ग्रामीण

Updated On:
12 Jun 2019, 11:56:16 AM IST

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