क्षत्रिय युवक संघ के प्रशिक्षण शिविर का समापन:'आदर्श और चरित्रवान युवा बनकर करें देश की सेवा'

By: Deepak Vyas

Updated On:
10 Sep 2019, 08:20:16 PM IST

  • यह धरती रणबांकुरों की है। जसोड़ भाटियों की यह धरा वंदनीय हैं। जहां के पुरखे दूधा तिलोक से जैसे वीर हुए, जिनकी वीरगाथा से जैसाण का मान बढ़ा हैं। ऐसे वीर जिनके सर कटने के बाद भी धड़ लड़ते रहे और अपनी धरा की रक्षा करते, सम्मान बढ़ाते हुए उन्होंने अपना बलिदान दिया है। ये उद्गार चांधन क्षेत्र के सोढ़ाकोर गांव में चल रहे प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम के दौरान संचालक तारेन्द्रसिंह झिनझिनयाली ने व्यक्त किए।

जैसलमेर/डाबला. यह धरती रणबांकुरों की है। जसोड़ भाटियों की यह धरा वंदनीय हैं। जहां के पुरखे दूधा तिलोक से जैसे वीर हुए, जिनकी वीरगाथा से जैसाण का मान बढ़ा हैं। ऐसे वीर जिनके सर कटने के बाद भी धड़ लड़ते रहे और अपनी धरा की रक्षा करते, सम्मान बढ़ाते हुए उन्होंने अपना बलिदान दिया है। ये उद्गार चांधन क्षेत्र के सोढ़ाकोर गांव में चल रहे प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम के दौरान संचालक तारेन्द्रसिंह झिनझिनयाली ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिविर में जो पाया उसे प्रसारित करें, चार दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में आपने संघ की दिनचर्या के अनुसार अपने जीवन को डालने का अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बालक समाज का उज्जवल भविष्य हैं, जिस पर हमारी आशाएं टिकी हुई है। इन्हें शाखाओं में भेजें व शिविरों में भेज कर एक आदर्श और चरित्रवान युवा बनाने में सहभागी बने। हिन्दूसिंह म्याजलार ने भी विचार व्यक्त किए। शिविर में क्षेत्र के कई गांवों के स्वंयसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर की व्यवस्था सोढ़ाकोर के स्थानीय लोगों ने की। शिविर के दौरान वरिष्ठ स्वयंसेवक बाबूसिंह बेरसियाला, पदमसिंह रामगढ़ के अलावा सोढ़ाकोर के हुकमसिंह, लूणसिंह, उगमसिंह, देवीसिंह, दुर्जनसिंह, छतरसिंह, भवानीसिंह, करणसिंह, प्रतापसिंह, चतुरसिंह, भोमसिंह, राजेंद्रसिंह आदि मौजूद थे।

Updated On:
10 Sep 2019, 08:20:16 PM IST

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