त्रिदिवसीय आवासीय घोष वर्ग का आयोजन:'जीवन को गुण संपन्न बनाता है घोष का प्रशिक्षण'

By: Deepak Vyas

Updated On:
10 Sep 2019, 08:50:00 PM IST

  • आगामी 9 से 12 नवम्बर तक आयोजित होने वाले जोधपुर प्रांत घोष शिविर 'मरु निनादÓ की पूर्व तैयारी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से त्रिदिवसीय आवासीय घोष वर्ग आयोजित किया गया।

जैसलमेर. आगामी 9 से 12 नवम्बर तक आयोजित होने वाले जोधपुर प्रांत घोष शिविर 'मरु निनादÓ की पूर्व तैयारी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से त्रिदिवसीय आवासीय घोष वर्ग आयोजित किया गया। स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर में 7 से 10 सितम्बर तक आयोजित घोष वर्ग में लौद्रवा, रामगढ़, सोनू, सुल्ताना, मोहनगढ़, नाचना, पोकरण, फलसूंड व फतेहगढ़ सहित कुल 15 स्थानों से 271 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। शिविर में बंसी, शंख व आनक जैसे वाद्यों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रात: काल उठने से लेकर रात्रि सोने तक विभिन्न सत्रों में अलग.अलग वाद्यों का व्यावहारिक वादन एवं सैद्धांतिक लिपि अभ्यास करवाया गया। समापन समारोह में बोलते हुए जोधपुर प्रांत घोष प्रमुख अमरसिंह ने कहा कि जोधपुर प्रांत के इतिहास में सबसे बड़ा घोष शिविर 'मरु निनाद' होने जा रहा है, जिसमें संघके सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत का सानिध्य मिलेगा। शिविर में भाग लेने के लिए प्रत्येक वाद्य में न्यूनतम तय रचना बजानी आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घोष का प्रशिक्षण व्यक्ति के जीवन को गुण संपन्न बनाता है। घोष शिविर का अभ्यास संचालन शहर के विभिन्न मार्गों से निकाला गया, जो आदर्श विद्या मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी कॉलोनी, गड़ीसर चौराहा, मजदूर पाड़ा, कल्लू की हटों से होते हुए गोडा पाड़ा से होकर पुन: गांधी कॉलोनी स्थित आदर्श विद्या मंदिर पहुंचा। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर घोष वादकों का अभिनंदन किया।

Updated On:
10 Sep 2019, 08:50:00 PM IST

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