नहरी किसानों को मिलेगा फायदा,खाभा के प्राचीन मंदिर के दिन बहुरेंगे

By: Deepak Vyas

Published On:
Jul, 11 2019 11:52 AM IST

  • वित्तमंत्री के तौर पर राजस्थान का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले के नहरी किसानों समेत ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वालों की सुध ली है, वहीं आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बंद सीमा चौकियों के मसले और क्षेत्र की आर्थिक लिहाज से कायापलट करने की क्षमता रखने वाले सीमेंट उद्योग की स्थापना जैसे पक्ष को इसमें भुला दिया गया। हालांकि बजट में रेगिस्तानी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रावधान कर जैसलमेर के ग्रामीणों के दर्द को पर मरहम लगाने का प्रयासय किया है।

जैसलमेर. वित्तमंत्री के तौर पर राजस्थान का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले के नहरी किसानों समेत ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वालों की सुध ली है, वहीं आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बंद सीमा चौकियों के मसले और क्षेत्र की आर्थिक लिहाज से कायापलट करने की क्षमता रखने वाले सीमेंट उद्योग की स्थापना जैसे पक्ष को इसमें भुला दिया गया। हालांकि बजट में रेगिस्तानी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रावधान कर जैसलमेर के ग्रामीणों के दर्द को पर मरहम लगाने का प्रयासय किया है।
जैसलमेर से जुड़े अहम प्रावधान -
- इंदिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण में नाबार्ड के वित्त पोषण से १७९ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत जैसलमेर जिले में शहीद बीरबल शाखा प्रणाली में 368 किलोमीटर लम्बाई के कार्यों से जैसलमेर तहसील के 25 हजार किसानों को फायदा मिलेगा। दातोर, नाचना, अवाय और साकडिय़ा क्षेत्र में आएगी खुशहाली।
- ऐसे ही इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर में आए जैसलमेर के किसानों को राजस्थान सरकार की ओर से पंजाब व केंद्र के साथ नहर के जीर्णोद्धार के लिए किए गए एमओयू से सीपेज के नुकसान में कमी का लाभ मिलने की बात कही गई है।
- प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण तथा उचित सार-संभाल के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाकर इस साल 22 करोड़ के कार्य करवाने का ऐलान किया गया। इसमें जैसलमेर जिले में पालीवालों के परित्यक्त गांव खाभा स्थित प्राचीन मंदिर को शामिल किया गया है।
- राज्य पक्षी गोडावण संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की बात बजट में कही गई है। मौजूदा समय में सर्वाधिक गोडावण जैसलमेर जिले के डीएनपी क्षेत्र में ही पाए जाते हैं।
- पशुधन बाहुल्य वाले जैसलमेर जिले के प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर स्थापित की जाने वाली नंदीशाला की योजना भी लाभदायी साबित होगी। बजट में कहा गया कि इससे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। जनधन की सुरक्षा के साथ ही गोवंश का संरक्षण हो सकेगा।
- जनजाति व रेगिस्तानी क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में नाबार्ड की ओर से ३३७ करोड़ की लागत से 2200 किलोमीटर की सडक़ें बनाए जाने का फायदा जैसलमेर जिले के मरुस्थलीय क्षेत्र को मिलने की उम्मीद जगी है।
- बाड़मेर और जोधपुर जिलों के साथ जैसलमेर में सौर ऊर्जा की विपुल संभावनाओं के मद्देनजर जोधपुर में 764 केवी का एक जीएसएस स्थापित होगा।

यहां मिली निराशा
- जैसलमेर जिले में तमाम संभावनाओं के बावजूद सीमेंट उद्योग की स्थापना के संबंध में मुख्यमंत्री ने कोई जिक्र नहीं किया। जिससे क्षेत्र में हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है।
- सीमा क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी गुप्तचर विभाग की चौकियों को पुन: शुरू करने की जरूरत प्रत्येक स्तर पर महसूस किए जाने के बावजूद इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई। यह आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम होता।
- जैसलमेर को पर्यटन के लिहाज से सोनार दुर्ग के संरक्षण सहित अन्य ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार की भी उम्मीद थी, वह भी पूरी नहीं हुई।
- चिकित्सा के क्षेत्र में पिछड़े जैसलमेर को सौगात देने की ओर राज्य सरकार का ध्यान नहीं गया।

Published On:
Jul, 11 2019 11:52 AM IST

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