केवल मेलावधि में रामसरोवर तालाब पर निगरानी,बाकी समय व्यवस्था राम भरोसे

By: Deepak Vyas

Updated On:
11 Sep 2019, 11:18:49 AM IST

  • ऐतिहासिक व पौराणिक रामसरोवर तालाब पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं होने से यहां पर वर्षभर में कई बार डूबने की घटनाएं होती है।

जैसलमेर/रामदेवरा. ऐतिहासिक व पौराणिक रामसरोवर तालाब पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं होने से यहां पर वर्षभर में कई बार डूबने की घटनाएं होती है। लोकदेवता बाबा रामदेव की कर्मस्थली व धार्मिक स्थल रामदेवरा आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु रामसरोवर में डुबकी लगाने के बाद ही अपनी यात्रा को पूरी मानते है। मेले के दौरान समाधि समिति की ओर से यहां निजी तैराक लगाए जाते है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ, आरएसी, नागरिक सुरक्षा दल के प्रशिक्षित तैराक तैनात रहते है। रामसरोवर के घाटों पर वर्षभर ही भीड़ देखने को मिलती है। लाखों की तादाद में श्रद्धालु सरोवर के घाट के आसपास नहाते है। कई बार गहरे पानी में चले जाने और डूब जाने से उनकी मौत हो जाती है। मेले के अलावा अन्य दिनों में यहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं है। समाधि समिति की ओर से एहतियात के तौर पर रामसरोवर के घाटों पर नहाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लोहे की जंजीरे लगाई गई है, लेकिन कोई तैराक तैनात नहीं किए जाने के कारण डूबने की घटनाएं होती है। रामसरोवर की गहराई करीब 20 फीट है। इसका पायतन भी समतल नहीं है तथा जगह-जगह गहरे गड्ढ़े भी हो रखे है।
फैक्ट फाइल:-
- 6 से अधिक नौकाएं चलती है सरोवर में
- 5 वर्ष पूर्व नहर से जोड़ा गया रामसरोवर
- 10 वर्षों में 20 से अधिक हो चुकी डूबने से मौत

Updated On:
11 Sep 2019, 11:18:49 AM IST

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