पीले पत्थरों पर कलात्मक कारीगरी व धोरों को लेकर 48 डिग्री में भी चुम्बकीय आकर्षण,मई-जून की तपिश में भी स्वर्णनगरी भ्रमण पर आ रहे देशी-विदेशी सैलानी

By: Deepak Vyas

Published On:
Jun, 12 2019 10:48 AM IST

  • - मई-जून की तपिश में भी स्वर्णनगरी भ्रमण पर आ रहे देशी-विदेशी सैलानी
    - साल-दर-साल ग्रीष्मकालीन आवक में बढ़ोतरी

जैसलमेर. जैसलमेर के धोरे इन दिनों आग उगल रहे हैं। तापमान पिछले एक पखवाड़े से 44 से 48 डिग्री के बीच ही झूल रहा है। भीषण गर्मी ने यहां के बाशिंदों के भी पसीने छुड़ा रखे हैं, बावजूद इसके देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से सैलानी यहां पहुंच रह हैं। ऐसे वातावरण में भी जैसलमेर की कलात्मकता और मरुक्षेत्र की नैसर्गिक विशेषताएं देश और दुनिया के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। विगत सालों के दौरान मई और जून जैसे तपिश वाले महीनों में पर्यटकों की आवक में बढ़ोतरी ने यह मिथक तोड़ दिया है कि जैसलमेर का पर्यटन महज आठ महीनों का ही होता है। मौजूदा समय में भी जैसलमेर में सुबह तथा शाम के समय सम सेंड ड्यून्स में सैलानियों की कम-ज्यादा रौनक नजर आ रही है।
वीकेंड ट्यूरिज्म का चलन
जैसलमेर में पिछले अर्से से वीकेंड ट्यूरिज्म ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार-रविवार के साथ शुक्रवार अथवा सोमवार को कोई एक और सार्वजनिक अवकाश आ जाने पर सैलानियों की विशेष चहल-पहल नजर आने लगती है। यही कारण है कि सम सेंड ड्यून्स में भी पहले की भांति सभी रिसोट्र्स पर ताले नहीं लगे हैं बल्कि 8-10 रिसोट्र्स में मई-जून की संध्याओं में भी राजस्थान लोक संगीत की धारा बहती है तथा सूर्यास्त का नजारा देखने पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी कुछ न कुछ रोजगार नसीब हो ही रहा है। होटलों व धर्मशालाओं में भी कमरे किराए पर चढ़ रहे हैं। वीकेंड ट्यूरिज्म को जहां देशी सैलानियों ने बढ़ावा दिया है वहीं सात समंदर पार से विदेशी भी मई और जून के महीनों में हजारों की तादाद में इस तपती मरुधरा का दीदार करने पहुंच रहे हैं।
किफायती होता है घूमना
गर्मियों में जैसलमेर की यात्रा सैलानियों के लिए खासी किफायती भी होती है, यही कारण है कि कई बजट क्लास पर्यटक अप्रेल से जून के महीनों में यहां भ्रमण पर आते हैं। इन दिनों होटलों के किराए में 50 फीसदी तक की कमी हो जाती है। ऐसे ही जैसलमेर जिले में स्थित विख्यात रामदेवरा और तनोटराय मंदिर के दर्शनार्थी वर्ष पर्यंत आते हैं, वे भी ऑफ सीजन में पर्यटन को सहारा साबित हो रहे हैं।

गर्मियों में बढ़ता पर्यटन
मई 2012 देशी - 7006 विदेशी- 1857
जून 2012देशी 5014विदेशी 1395
मई 2013 देशी 1441 विदेशी 1313
जून 2013देशी 3415 विदेशी 898
मई 2014 देशी 2283 विदेशी 1672
जून 2014 देशी 5471 विदेशी 1672
मई 2015 देशी 11736 विदेशी 3176
जून 2015 देशी 10560 विदेशी 2586
मई 2016 देशी 20800 विदेशी 5736
जून 2016 देशी 20500 विदेशी 4455
मई 2017 देशी 28807 विदेशी 5074
जून 2017 देशी 25720 विदेशी 5606
मई 2018 देशी 35740 विदेशी 7900
जून 2018 देशी 30410 विदेशी 6120

पूरी तरह से ऑफ नहीं होता सीजन
जैसलमेर का पर्यटन पूर्व के वर्षों में मई और जून की भीषण गर्मियों में पूरी तरह से ठप हो जाता था, वह अब कई कारणों से निरंतर रहता है। छुट्टियों में बड़ी संख्या में पड़ोसी राज्यों के साथ राजस्थान के विविध शहरों से सैलानी जैसलमेर पहुंच रहे हैं। विदेशी समूह भी रुक-रुक कर आ रहे हैं।
- कैलाश व्यास, अध्यक्ष, सम कैम्प एंड रिसोटर््स वेलफेयर सोसायटी, सम, जैसलमेर

अब बारह माह आ रहे मेहमान
अब बारहमास स्वर्णनगरी पर्यटकों से गुलजार रहने लगी है। डिस्काउंट का फार्मूला कारगर साबित हो रहा है, वहीं कम बजट के सैलानी यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। स्वर्णनगरी में शाम सुहावनी रहती है, इस कारण सूर्यास्त के नजारे को सम से निहारना सैलानियों की पहली पसंद बन रहा है।
-मेघराज परिहार, पर्यटन व्यवसायी, जैसलमेर

Published On:
Jun, 12 2019 10:48 AM IST

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