रामसरोवर पर मिली नन्ही जान,चाइल्ड हेल्पलाइन ने लिया कब्जे में

By: Deepak Vyas

Updated On:
10 Sep 2019, 06:13:26 PM IST

  • सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाकर आमजन को जागरुक किया जा रहा है। जबकि कई लोग ऐसे भी है, जो नन्ही जान को कहीं पर भी छोडक़र चले जाते है। रामदेवरा गांव में बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए आए श्रद्धालु एक वर्ष की छोटी बच्ची को लावारिस छोडक़र चले गए। पुलिस व ग्रामीणों की तलाश के बाद भी बच्ची के परिजन नहीं मिलने पर उसे चाइल्ड हैल्पलाइन को सुपुर्द किया गया।

जैसलमेर/रामदेवरा. सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाकर आमजन को जागरुक किया जा रहा है। जबकि कई लोग ऐसे भी है, जो नन्ही जान को कहीं पर भी छोडक़र चले जाते है। रामदेवरा गांव में बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए आए श्रद्धालु एक वर्ष की छोटी बच्ची को लावारिस छोडक़र चले गए। पुलिस व ग्रामीणों की तलाश के बाद भी बच्ची के परिजन नहीं मिलने पर उसे चाइल्ड हैल्पलाइन को सुपुर्द किया गया। गौरतलब है कि सरकार की ओर से बेटियों को बचाने के जागरुकता कार्यक्रमों व अभियानों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है। जबकि मेले के अंतिम दिन गांव में एक नन्ही बच्ची लावारिस हालत में मिली। गांव के रामसरोवर के पास एक वर्ष की छोटी बच्ची के लावारिस हालत में बैठी होने की सूचना मिली। जिस पर थानाधिकारी देवीसिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची को गोद में उठाया। बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से बच्ची के परिजनों की तलाश की तथा सूचना केन्द्रोंं पर मुनादी भी करवाई, लेकिन अपराह्न तक भी कोई परिजन यहां नहीं पहुंचा। पुलिस की सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन जैसलमेर के प्रभारी नरेश देवरा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची को अपने कब्जे में लिया और जैसलमेर लेकर रवाना हुए। देर शाम समाचार लिखे जाने तक भी परिजनों की जानकारी नहीं हो सकी थी।

Updated On:
10 Sep 2019, 06:13:26 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।