खींवसर उपचुनाव: कौन लेगा हनुमान बेनीवाल की जगह?

By: Santosh Kumar Trivedi

Updated On: Aug, 13 2019 01:47 PM IST

  • Rajasthan Assembly Bypoll : प्रदेश में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल और भाजपा नेता नरेंद्र खींचड़ के लोकसभा सांसद बनने से खाली हुई खींवसर और झुंझुनू की मंडावा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है।

जयपुर। Rajasthan Assembly Bypoll : प्रदेश में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल और BJP नेता नरेंद्र खींचड़ के लोकसभा सांसद बनने से खाली हुई खींवसर और मंडावा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी शिद्दत से जुट गई है, लेकिन भाजपा खेमे में फिलहाल असमंजस की स्थिति है।

 

उम्मीदवार चयन को लेकर स्थितियां साफ नहीं
ज्यादा सस्पेंस खींवसर सीट को लेकर है। इस सीट से हनुमान बेनीवाल ने बतौर भाजपा समर्थित उम्मीदवार RLP से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता। ऐसे में अब भाजपा और रालोपा के बीच खींवसर से उम्मीदवार चयन को लेकर स्थितियां साफ नहीं है। हनुमान बेनीवाल दिल्ली में लगातार भाजपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले खबर आई थी कि गठबंधन के तहत दोनों पार्टियां खींवसर और मंडावा में से एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कौनसी पार्टी किस सीट से चुनाव में उतरेगी।

 

सी आर चौधरी के बयान से और बढ़ा सस्पेंस
सस्पेंस पूर्व केंद्रीय मंत्री सी आर चौधरी के एक बयान से और बढ़ गया है। आने वाले विधानसभा उपचुनाव में खींवसर से चुनाव लड़ने और टिकट मांगने के सवाल पर चौधरी ने हाल ही में कहा था कि उनकी ऐसी कोई इच्छा नहीं है कि वे चुनाव लड़ें। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी अगर उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो क्या करेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय और आदेश शिरोधार्य है। बता दें कि नागौर से सांसद रहते हुए भाजपा ने सीआर चौधरी का का टिकट काट दिया और नागौर से रालोपा से गठबंधन कर हनुमान बेनीवाल को टिकट दिया और बेनीवाल यहां से चुनाव जीत गए।

 

हर हाल में दोनों सीटें जीतना चाहती है कांग्रेस
उधर, मंडावा और खींवसर खींवसर सीट को जीतने के लिए कांग्रेस ने जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी हर हाल में दोनों सीटें जीतना चाहती है। अगर सत्तारूढ़ कांग्रेस दोनों ही सीटों पर उपचुनाव जीतती है तो विधानसभा में उसकी संख्या 102 हो जाएगी। अभी विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 100 है। ऐसे में दोनों ही सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती, इसलिए प्रत्याशी तय करने से पहले पार्टी प्रत्याशियों का चयन अच्छी तरह ठोक-बजाकर करना चाहती है।

Published On:
Aug, 13 2019 01:34 PM IST

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