प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक गफलत में रखा विद्यार्थियों को,अब बदला फरमान

By: HIMANSHU SHARMA

Published On:
Jun, 12 2019 11:55 AM IST

 
  • राजस्थान विश्वविद्यालय की लापरवाही,प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुधारी गलती

जयपुर
राजस्थान विश्वविद्यालय की एक गलती कई विद्यार्थियों के लिए गफलत बनी रही। विश्वविद्यालय ने भी प्रवेश प्रकिया शुरू होने से पूरी होने तक इस गलती को नहीं सुधारा। अब प्रवेश प्रक्रिया पूरी हुई तो फरमान बदल दिया है। दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय की ओर जारी किए गए प्रोस्पेक्टस में इस शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया के नियम कायदे तय किए गए थे। प्रोस्पेक्टस में पेज नंबर 124 पर राजस्थान कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में आवेदन करने के नियम कायदे थे। जिसमें बिंदू संख्या आठ के अनुसार खेलकूद प्रमाण पत्र से लाभ लेने वाले विद्यार्थियों को शारीरिक शिक्षा विषय चुनना अनिवार्य है। लेकिन अब प्रवेश प्रक्रिया दस जून की मध्यरात्रि को पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बिंदू आठ में बदलाव कर दिया है। विश्वविद्यालय ने मंगलवार को आदेश निकाले है कि प्रमाण पत्र का लाभ लेने के लिए अब शारीरिक विषय लेने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। नए आदेश के अनुसार अब छात्र दूसरा विषय भी ले सकेगा। लेकिन यह आदेश जब आए है जब छात्र अपने विषय चुन चुका है। आदेश जारी करने में हुई देरी के कारण अब छात्रों ने पहले ही अपना आवेदन करते समय प्रवेश में प्रमाण पत्र वेटेज का लाभ लेने के लिए शारीरिक शिक्षा विषय का चुन लिया।

मनपसंद का विषय लेने से चुके
विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश सूची जारी करते समय मैरिट लिस्ट में खेल प्रमाण पत्रों सहित अन्य प्रमाण पत्रों का विद्यार्थी को लाभ दिया जाता है। जिन भी छात्रों ने खेल प्रमाण पत्र का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था वह चाहते हुए भी दूसरा विषय नहीं ले सकें और अब अपना विषय भी नहीं बदल सकते। क्योकि आनलाइन आवेदन प्रक्रिया बंद हो चुकी है। विश्वविद्यालय की लापरवाही का खामियाजा अब विद्यार्थियों को भुगतना होगा। जो छात्र शारीरिक शिक्षा विषय नहीं पढऩा चाहते है उन्हें भी अब यह विषय पढऩा होगा। हालांकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि प्रवेश सूची में शामिल विद्यार्थियों को विषय बदलने का मौका दिया जाएगा। लेकिन राजस्थान कॉलेज में सभी विषयों में सीट भर जाती है। ऐसे में सीट खाली रहे और विषय बदल दिया जाएगा यह तय नहीं है।

Published On:
Jun, 12 2019 11:55 AM IST

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