भक्त व भगवान में जन्म-जन्मान्तर का रिश्ता

By: Deendayal Koli

Published On:
Jun, 12 2019 07:23 AM IST

 
  • श्रीराम महायज्ञ में दीं आहुतियां

जयपुर। प्रभु उन्हीं से मिलते हैं जिसके मन में उन्हें पाने की भावना है। ऐसे भक्त को प्रभु कभी निराश नहीं करते हैं। क्योंकि भक्त और भगवान के बीच जन्म—जन्मान्तर का रिश्ता है। यह बात कथावाचक पंडित राधेश्याम शास्त्री ने नवदिवसीय पंच कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ के दौरान कही। बूंदी जिले के भण्डेडा स्थित सावतगढ़ गांव में बावड़ी के हनुमान मंदिर पर चल रहे नवदिवसीय पंच कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ के आठवें दिन यानी मंगलवार को आहुतियां दी गईं। इस मौके पर बड़ी तादाद में श्रद्धालु मौजूद थे।

Published On:
Jun, 12 2019 07:23 AM IST

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