राजस्थान के इस बाबा से आज मिलने आएंगे संघ प्रमुख भागवत

By: vinod saini

Updated On:
11 Sep 2019, 01:12:52 AM IST

  • जड़ी-बूटियों (Herbs) से कैंसर का इलाज (Cancer treatment) करने वाले 122 वर्षीय बाबा कमलनाथ (Baba Kamal Nath) से बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सर संघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) मिलने आएंगे। बाबा कई सालों से लोगों का निशुल्क उपचार कर रहे हैं।

- जड़ी बूटियों से कैंसर का इलाज कराने आते हैं देश-विदेश के लोग

जयपुर। जड़ी-बूटियों (Herbs) से कैंसर (Cancer) का नि:शुल्क इलाज करने वाले बाबा कमलनाथ (Baba Kamal Nath) की ख्याति देश-विदेश में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सर संघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) बुधवार को 122 साल के बाबा कमलनाथ से मिलने उनके आश्रम में आएंगे। जिले के अलवर-तिजारा (Alwar-Tijara) मुख्यमार्ग से तीन किलोमीटर अंदर भिंडूसी गांव (Bhindusi Village) के यहां बाबा का आश्रम है। सोमवार को ही आश्रम में बाबा का जन्मदिन समारोह मनाया गया। आश्रम में प्रवास के अलावा भागवत का कोई स्थानीय कार्यक्रम नहीं है।

कौन हैं बाबा कमलनाथ
मूल रूप से गुजरात से आए बाबा कमलनाथ के शिष्यों का कहना है कि संन्यास के बाद से ही वे जंगलों में रहते आए हैं। पिछले 45 साल से गहनकर आश्रम में रह रहे हैं। इनके आश्रम में कैंसर के मरीजों का उपचार किया जाता है। जड़ी-बूटियों से किए जाने वाले उपचार के लिए हिमालय के क्षेत्रों और गुजरात से मंगाई जाती है। आश्रम के सेवादार मदन चावड़ा ने बताया कि यहां प्राय: वे ही मरीज आते हैं जिन्हें डॉक्टरों ने जवाब दे दिया होता है।
वीआईपी लोगों ने भी ली दवा
बाबा कमलनाथ के आश्रम से अति विशिष्ट लोग भी दवा चुके हैं। इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरो सिंह शेखावत, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, राज्यसभा सांसद विनय कटियार भी शामिल हैं।
नेपाल से आती हैं मुख्य जड़ी-बूटियां
इंडोनेशिया, नेपाल, मलेशिया भारत के वन क्षेत्र से जड़ी-बूटियों का संग्रहण कर कैंसर, हार्ट, टीबी, मिर्गी ब्लड प्रेशर की दवा बाबा कमलनाथ आश्रम में बनाई जाती है। इसमें मुख्य रूप से जड़ी -बूटियां नेपाल से लाई जाती हैं।
बीमारी के स्टेज के अनुसार दवा
डॉक्टरों की रिपोर्ट देखने के बाद ही बीमारी के स्टेज के अनुसार दवा दी जाती है। डॉक्टरों द्वारा दी जा रही दवा के साथ -साथ या केवल आश्रम की दवा का मरीज सेवन कर सकता है। आश्रम द्वारा तीन चरण की दवा दी जाती रही है। प्रथम चरण में आश्रम की बनी दवा तीन नंबरों से दी जाती है, एक नंबर, दो नंबर, तीन नंबर से दवा के नाम रखे हुए हैं। द्वितीय चरण में तीन दवा के अलावा बैंग भस्म और तृतीय चरण में श्री गोपाल बेल आदि का मिश्रण कर दवा दी जाती है। यह जड़ी बूटी से ही तैयार होती है।

Updated On:
11 Sep 2019, 01:12:52 AM IST

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